– सांसद सुधीर गुप्ता और क्षेत्रीय संगठन मंत्री अखिलेश मिश्रा की उपस्थिति में हुआ भूमिपूजन, अतिथियों का साफा व स्मृति चिन्ह से सम्मान
जावरा। पहाडिय़ा रोड़ स्थित सरस्वती शिशु मंदिर सरस्वतीपुरम परिसर में मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर नवीन शिशु वाटिका भवन का भूमिपूजन समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मंदसौर-जावरा सांसद सुधीर गुप्ता एवं विद्या भारती मध्य प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अखिलेश मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
समारोह का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमिपूजन से हुआ। इस अवसर पर दोनों मुख्य अतिथियों का साफा बांधकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। साथ ही विवेक भारती शिक्षण समिति के अध्यक्ष अजित चत्तर का भी सम्मान किया गया। अतिथियों का स्वागत सुरेश मेहता, बाबूलाल नाहर, अनिल पावेचा, सचिव तन्मय सोनी, कोषाध्यक्ष शीतल चोरडिय़ा, राधेश्याम पोरवाल, मदनलाल राठौर, शिवेंद्र माथुर, मयंक अग्रवाल , प्राचार्या रेणुबाला शर्मा, प्रधानाचार्य शीला सोन, संगीता पाटीदार, अर्चना करनावट सहित विद्यालय परिवार ने किया। संचालन लोकेश शर्मा ने किया। आभार तन्मय सोनी ने माना।
शिक्षा का साथ चरित्र का निर्माण करता हैं सशिमं –
सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि बच्चों को केवल आधुनिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रभक्ति का भाव भी मिलना चाहिए। सरस्वती शिशु मंदिर जैसी संस्थाएं शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। नवीन शिशु वाटिका भवन आने वाले समय में नन्हे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का मजबूत आधार बनेगा। सांसद गुप्ता ने विद्यालय को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया।
यह केवल भूमि पूजन नहीं, भावी पीढ़ी के भविष्य का संकल्प –
विद्या भारती मध्य प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अखिलेश मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में इस भवन का भूमिपूजन केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प है। विद्या भारती का उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से ऐसे नागरिक तैयार करना है जो राष्ट्र, समाज और संस्कृति के प्रति समर्पित हों। यह भवन बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और संस्कार शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
विद्यालय के लिए जमीन दान देने वाले दानदाता परिवार को भी किया सम्मानित –
कार्यक्रम में विद्यालय के करीब 8 बीघा से अधिक जमीन देने वाले भामशाह कैलाशचन्द्र कांठेड़ के पूत्र संतोष कांठेड़ का भी स्मृति चिन्ह और शाल श्रीफल भेट कर सम्मान किया। आयोजन में डॉ दिलीप शाकल्य, देवेन्द्र शर्मा, अभय कोठारी, महेन्द्रसिंह सोलंकी (बामनखेड़ी), वीरेन्द्रसिंह चौहान, संतोष शर्मा आदि उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार, शिक्षकों, अभिभावकों एवं गणमान्य नागरिकों के साथ ही भजपा और संघ के पदाधिकारियों व सदस्यों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। वंदे मातरम् गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

