– जावरा में धार्मिक सेवा का अनूठा उदाहरण, स्व. प्रकाशचंद विशाल चत्तर परिवार सहित कई दानदाताओं का मिला सहयोग
जावरा। धर्म, सेवा और समर्पण का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करते हुए समकित परिवार, जावरा ने लगातार चौथे वर्ष वर्षितप तपस्वियों के पारणे कराने का पुण्य लाभ लेकर एक नया इतिहास रच दिया। लगभग 35 से 40 युवाओं का यह धार्मिक परिवार बिना किसी पदलिप्सा के केवल सेवा और धर्मभावना के साथ प्रतिवर्ष 125 से 200 वर्षितप करने वाले महिला-पुरुष, युवक-युवतियों के पारणे का आयोजन कर रहा है।
इस वर्ष के आयोजन में स्व. प्रकाशचंद विशाल चत्तर परिवार मुख्य लाभार्थी रहा, जिसने सर्वाधिक राशि भेंट कर आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा अनेक परिवारों तथा सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने भी समय-समय पर सहयोग देकर धर्मलाभ अर्जित किया।
जताया समकित परिवार के प्रति आभार –
इस अवसर पर श्री कस्तुरमुनि पावनधाम ट्रस्ट के महामंत्री सुजानमल कोचट्टा ने समस्त वर्षितप तपस्वियों, लाभार्थी परिवारों तथा विशेष रूप से समकित परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों से जिस निस्वार्थ भाव और सकारात्मक सोच के साथ यह सेवा कार्य किया जा रहा है, वह समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
लिया सेवा का लाभ –
ट्रस्ट के सुभाष टुकडिय़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि स्थानीय जैन पंचायती नोहरा में आयोजित इस कार्यक्रम में गुरु कस्तुरमुनि पावनधाम ट्रस्ट के अध्यक्ष राकेश मेहता, महामंत्री सुजानमल कोचट्टा, कोषाध्यक्ष पारसमल गादिया, निर्माण समिति चेयरमैन संजय भंडारी, सुशील कुमार चपड़ोद, सुभाष टुकडय़िा, सुनील श्रीमाल, अशोक झामर सहित अनेक पदाधिकारियों ने सेवा का लाभ लिया। कार्यक्रम के दौरान समकित परिवार के महेंद्र संचेती, संदीप श्रीमाल, अंशुल मूणत, महावीर जैन, अमित जैन, अनुराग संघवी, राजेंद्र संचेती, आमु आंचलिया, ललित पोखरना, मनीष श्रीमाल एवं अनिल ओस्तवाल ने अतिथियों का तिलक, मोतियों की माला तथा नवकार महामंत्र की तस्वीर भेंट कर सम्मान किया।


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