– अण्डरब्रिज के अटकने से भी जनता की है नाराजगी, लोकसभा चुनाव से पहले अण्डरब्रिज की स्वीकृति नहीं मिली तो भुगतना होगा खामीयाजा
– रेलवे ने तैयारी की पूर्ण, एक साईड गाढ़ा पोल
– एक दो दिन में जाली लगाकर कर दी जाएगी रेलव फाटक बंद
जावरा। शहर की सबसे ज्वंलत समस्या रेलवे समपार क्रमांक 177 पर जैसे तेसे पांच सालों में ओव्हरब्रिज बनकर तैयार हुआ और चुनाव से पहले इसे चालुकर का जनता को सौगात मिली, लेकिन विधानसभा चुनाव निपटते ही फाटक क्षैत्र के व्यापारियों के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। ओव्हरब्रिज चालु होने के बाद अब रेलवे इस फाटक को पूर्णत: बंद करने जा रही है। एक या दो दिन में जाली लगाकर इस फाटक को स्थायी रुप से बंद कर दिया जाएगा। आने वाले चार महिनों में लोकसभा चुनाव होना है ऐसे में केन्द्र सरकार द्वारा किए जा रहे इस कार्य को यदि शीघ्र नहीं रोका गया तो आने वाले लोकसभा चुनाव में सांसद प्रत्याशी को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वैसे ही अण्डरब्रिज के अटकने से शहर की जनता के दिलों में सांसद सुधीर गुप्ता के प्रति नाराजगी है। ऐसे में यदि फाटक भी बंद हो गई और लोगों को परेशानी आई तो यह परेशानी आने वाले लोकसभा चुनाव में सांसद प्रत्याशी को भारी पड़ सकती है।
व्यापार बिगड़ा तो लोकसभा चुनाव में दिखेगा असर –
रेलवे फाटक क्षैत्र के दोनो और घना व्यवसायिक क्षैत्र स्थापित है, ओव्हरब्रिज से एक और से दुसरी और आने जाने के लिए सीढिय़ों का काम अभी चल रहा है, ऐसे में यदि रेलवे इस फाटक को स्थायी रुप से बंद कर देती है, तो इस क्षैत्र के व्यापारियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। फाटक बंद होने से लोगों को ओव्हरब्रिज से गुजरना पड़ेगा, जिससे फाटक क्षैत्र का व्यापार प्रभावित होगा, यदि व्यापार प्रभावित हुआ तो इसका सीधा असर आने वाले लोकसभा चुनाव पर पड़ेगा।
बगैर सूचना के फाटक बंद करने का काम हो गया चालु –
रेलवे फाटक क्रमांक 177 को स्थायी रुप से बंद करने की सूचना रेलवे द्वारा पूर्व में ना देते हुए सीधे इस फाटक को बंद करने की तैयारी पूर्ण कर ली गई, फाटकके एक सीरे पर रेलवे ने लोहे का एंगल लगा दिया है। रेलवे सूत्रों की माने तो एक या दो दिन में जाली लगाकर इस फाटक को स्थायी रुप से बंद कर दिया जाएगा। फाटक बंद होने के बाद लोगों को ओव्हरब्रिज से गुजरना होगा।
अण्डरब्रिज अधर में लटका तो अधुरी पड़ी ओव्हरब्रिज की सीढिय़ा –
ओव्हरब्रिज के साथ ही इसी ब्रीज के नीचे अण्डर ब्रिज भी बनना प्रस्तावित है, लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते अभी इस अण्डरब्रिज को अटका रखा है, ऐसे में अण्डरब्रिज अधर में लटक गया है तो रेलवे ओव्हरब्रिज पर एक पार से दुसरे पार जाने के लिए बनने वाली सीढिय़ा अभी पूरी बनी भी नहीं और ऐसे में फाटक का बंद होना काफी तकलीफ दायक सिद्ध होने वाला है। फाटक बंद होने से व्यापार तो प्रभावित होगा ही वहीं इस और से उस ओर आने जाने वाले पैदल यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ेगी।
अब आंदोलन ही सहारा –
अण्डर ब्रिज बनने या सीढिय़ों काम पुरा होने से पहले यदि फाटक को बंद होने से रोकना है तो लोगों को इसके लिए सड़क पर उतरना पड़ेगा। शहर की जनता और व्यापारियों की माने तो यदि फाटक बंद होने से रोकने के लिए आंदोलन करना होगा ताकि जवाबदार जागे और जनता को होने वाली परेशानी से निजात दिलाए, यदि ऐसा नहीं हुआ और अण्डर ब्रिज से पहले फाटक बंद हो गई तो इसका सीधा असर शहर की जनता और व्यापार पर पड़ेगा।

