– नाश्ता-भोजन नहीं मिलने से खुली पोल, कलेक्टर भड़कीं — समूह का अनुबंध तुरंत खत्म
– औचक निरीक्षण में बड़ा खुलासा, कार्यकर्ता-सहायिका पर भी कार्रवाई, 3 दिन का मानदेय कटा
जावरा। आंगनवाड़ी केंद्र पर बच्चों के हक के साथ गंभीर खिलवाड़ का मामला सामने आया है। जिम्मेदारों की लापरवाही इतनी बड़ी थी कि मासूम बच्चों को मिलने वाला नाश्ता और भोजन ही नहीं दिया गया। मामला सामने आते ही प्रशासन सख्त हो गया और कलेक्टर के निर्देश पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए जिम्मेदारों पर गाज गिरा दी गई। वहीं समूह का अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग, परियोजना जावरा ग्रामीण के अंतर्गत कलेक्टर मिशा सिंह के निर्देशानुसार जिले में संचालित व्यवस्थाओं की जांच के लिए गठित दल द्वारा 16 अप्रैल 2026 को आंगनवाड़ी केंद्र गोंदीधर्मसी-02 का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण जनपद पंचायत जावरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बलवंत नलवाया द्वारा किया गया।
न मिला नाश्ता, ना ही भोजन –
निरीक्षण के दौरान चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई, जहां कृष्णा स्वयं सहायता समूह, गोंदीधर्मसी द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र पर बच्चों को नाश्ता और भोजन उपलब्ध ही नहीं कराया गया था। यह मामला सामने आते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और कलेक्टर ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, रतलाम के आदेशानुसार संबंधित स्वयं सहायता समूह का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया।
कार्यकर्ता व सहायिका वेतन भी कटा –
वहीं, केंद्र संचालन में पाई गई अनियमितताओं के चलते परियोजना अधिकारी द्वारा संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पर भी कार्रवाई करते हुए तीन दिवस का मानदेय काटा गया तथा उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

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