– ब्रिज तैयार फिर भी रास्ता बंद, जनता पूछ रही, आखिर उद्घाटन के लिए इतनी देर क्यो ?
– दो साल से रेलवे फाटक बंद, व्यापार चौपट और ओव्हरब्रिज पर बढ़ा ट्रैफिक दबाव
– त्योहारों से पहले अंडरब्रिज चालू करने की उठी मांग
जावरा। शहर के मध्य रेलवे समपार क्रमांक 177 पर जिस अंडरब्रिज का शहरवासियों को वर्षों से इंतजार था, उसका निर्माण आखिरकार 2026 में पूरा हो चुका है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि ब्रिज बनकर तैयार होने के बावजूद अब तक आम जनता के लिए नहीं खोला गया है। करीब दो वर्षों से रेलवे फाटक बंद होने के कारण स्टेशन रोड और चौपाटी क्षेत्र का व्यापार प्रभावित है, वहीं फाटक क्षेत्र के रहवासियों को भी ओव्हरब्रिज के रास्ते आवाजाही करनी पड़ रही है। ऐसे में अब शहरवासियों का सीधा सवाल है—जब अंडरब्रिज तैयार है तो इसे जनता के लिए चालू क्यों नहीं किया जा रहा ? क्या ब्रिज शुरू करने के लिए किसी खास अतिथि का इंतजार है ? अब रहवासियों में इस बात की चर्चा हैं कि क्या इसके लिए पीएम मोदी का इंतजार हैं ?
2018 में स्वीकृत, 2026 में निर्माण पूरा… फिर भी रास्ता बंद –
जावरा शहर के मध्य स्थित रेलवे समपार क्रमांक 177 पर ओव्हरब्रिज से पहले अंडरब्रिज स्वीकृत हुआ था। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले स्वीकृत हुए इस अंडरब्रिज का निर्माण करीब आठ साल बाद 2026 में जाकर पूरा हुआ है। निर्माण पूरा होने के बाद शहरवासियों को उम्मीद थी कि अब रेलवे फाटक क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होगा। लेकिन निर्माण पूरा होने के बावजूद रास्ता शुरू नहीं होने से लोगों की परेशानी जस की तस बनी हुई है।
दो साल से बंद फाटक, स्टेशन रोड और चौपाटी का कारोबार प्रभावित –
रेलवे फाटक करीब दो वर्षों से बंद है। इसका सबसे बड़ा असर फाटक के दोनों ओर स्थित स्टेशन रोड और चौपाटी क्षेत्र के व्यापार पर पड़ा है। फाटक बंद होने से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई, जिसके चलते कई दुकानदारों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ। कुछ दुकानें बंद हो गईं तो कुछ व्यापारियों को अपना व्यवसाय दूसरी जगह स्थानांतरित करना पड़ा। रेलवे स्टेशन पहुंचने वाले नागरिकों को भी ओव्हरब्रिज के रास्ते लंबा चक्कर लगाकर स्टेशन तक पहुंचना पड़ रहा है।
अंडरब्रिज चालू हुआ तो ओव्हरब्रिज का ट्रैफिक भी होगा कम –
अंडरब्रिज शुरू होने का फायदा केवल फाटक क्षेत्र के व्यापारियों और रहवासियों को ही नहीं मिलेगा, बल्कि इससे जावरा की यातायात व्यवस्था को भी बड़ी राहत मिल सकती है। वर्तमान में रेलवे फाटक बंद होने के कारण फाटक क्षेत्र में रहने वाले लोगों सहित आसपास के नागरिकों को ओव्हरब्रिज से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। इसका सीधा असर ओव्हरब्रिज पर वाहनों के दबाव के रूप में दिखाई देता है। यदि अंडरब्रिज शुरू हो जाता है तो फाटक क्षेत्र के रहवासियों को ओव्हरब्रिज पर चढ़कर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे सीधे अंडरब्रिज के रास्ते अपने क्षेत्र में आ-जा सकेंगे। इससे एक ओर स्थानीय रहवासियों को लंबी दूरी और चढ़ाई से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर ओव्हरब्रिज पर वाहनों का ट्रैफिक भी कम हो सकेगा। यानी अंडरब्रिज सिर्फ एक वैकल्पिक रास्ता नहीं, बल्कि जावरा की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने वाला महत्वपूर्ण मार्ग भी साबित हो सकता है।
त्योहारों से पहले शुरू हुआ तो व्यापारियों को मिलेगी बड़ी राहत –
आने वाले दिनों में रक्षाबंधन, ईद मिलादुन्नबी, गणेशोत्सव, नवरात्रि, दशहरा और दीपावली जैसे बड़े त्योहार आने वाले हैं। त्योहारों के दौरान बाजारों में खरीदारी और लोगों की आवाजाही बढ़ती है। ऐसे में यदि अंडरब्रिज रक्षाबंधन से पहले शुरू हो जाता है तो रेलवे फाटक के दोनों ओर के व्यापारियों को बड़ी राहत मिल सकती है। बीते दो वर्षों से प्रभावित कारोबार को फिर से गति मिलने की उम्मीद है और दोनों ओर के बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही भी बढ़ सकती है।
बारिश में पानी भरने की चुनौती भी सामने –
अंडरब्रिज को लेकर बारिश के मौसम में पानी भरने की समस्या की आशंका भी बनी हुई है। शहर में चर्चा है कि तेज बारिश के दौरान अंडरब्रिज में पानी जमा हो सकता है। हालांकि ठेकेदार के अनुसार पानी निकासी के लिए सम्पवेल बनाया गया है, जिसमें पानी जमा होगा और पंप की मदद से उसे बाहर निकाला जा सकेगा। अब यह व्यवस्था बारिश के दौरान कितनी प्रभावी रहती है, यह तो आने वाला समय बताएगा। लेकिन फिलहाल शहरवासियों की प्राथमिकता साफ है—जो रास्ता बनकर तैयार हो चुका है, उसे पहले जनता के लिए खोला जाए।
‘उद्घाटन’ का इंतजार या कोई और पेंच ? –
अंडरब्रिज बनकर तैयार होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इसे चालू करने में देरी क्यों हो रही है ? क्या कोई तकनीकी औपचारिकता बाकी है ? क्या रेलवे या संबंधित विभाग की कोई अनुमति लंबित है ? या फिर अंडरब्रिज के उद्घाटन के लिए किसी ‘खास अतिथि’ सीएम या पीएम का इंतजार किया जा रहा है ? यदि कोई तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन है तो संबंधित विभाग को इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। आखिर जनता वर्षों से इस सुविधा का इंतजार कर रही है।
जनता का सवाल—ब्रिज जनता के लिए है या उद्घाटन के लिए ? –
शहरवासियों का कहना है कि विकास कार्य का उद्देश्य जनता को सुविधा देना होना चाहिए। यदि अंडरब्रिज आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर चुका है तो इसे जल्द से जल्द आम जनता के लिए खोलना चाहिए। उद्घाटन समारोह बाद में भी हो सकता है, लेकिन जनता की परेशानी का समाधान पहले होना चाहिए।
कहीं जनता को खुद रास्ता न खोलना पड़े ! –
जावरा में इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां लंबे समय तक निर्णय नहीं होने पर जनता ने स्वयं रास्ता तलाश लिया। अरनियापीथा मंडी शिफ्टिंग का उदाहरण देते हुए अब शहर में यह चर्चा भी है कि कहीं ऐसा न हो कि निर्णय का इंतजार करते-करते आम जनता स्वयं ही बंद रास्तों को खोलकर आवाजाही शुरू करने को मजबूर हो जाए। हालांकि ऐसी स्थिति किसी भी जिम्मेदार व्यवस्था के लिए उचित नहीं होगी।
शहरवासियों के सवाल अब सीधे जिम्मेदार विभागों से हैं —
– अंडरब्रिज बनकर तैयार है तो जनता के लिए कब खुलेगा ?
– क्या कोई तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन बाकी है ?
– यदि सब कुछ पूरा है तो इसे शुरू करने में देरी क्यों ?
– क्या रक्षाबंधन से पहले इसे चालू किया जाएगा ? और क्या जावरा को इस सुविधा के लिए एक और उद्घाटन समारोह का इंतजार करना पड़ेगा ? फिलहाल शहर की मांग साफ है—अंडरब्रिज तैयार है, रास्ता तैयार है, जरूरतमंद जनता तैयार है… अब सिर्फ जिम्मेदारों को फैसला करना है। क्योंकि जावरा को भाषण नहीं, रास्ता चाहिए। और रास्ता अब बनकर तैयार है।

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