– जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन की सख्त कार्रवाई
– 10 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया
– जावरा जनपद पंचायत क्षेत्र में पहली बड़ी कार्रवाई, बाकी सरपंचों में मची हलचल
जावरा/रतलाम। जिले में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत जावरा अंतर्गत ग्राम पंचायत सादाखेड़ी के सरपंच ईश्वरलाल बागरी (चंद्रवंशी) को पद से पृथक कर दिया है।
यह आदेश जिला पंचायत रतलाम की मुख्य कार्यपालन अधिकारी वैशाली जैन द्वारा म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 40(1)(क) के अंतर्गत जारी किया गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
शिकायत से शुरू हुई कार्रवाई –
इस पूरे मामले की शुरुआत 16 जनवरी 2026 को हुई शिकायत से हुई, जिसमें रतलाम निवासी बी.एल. जरानिया ने आरोप लगाया कि सरपंच द्वारा शासकीय भूमि के विभिन्न सर्वे नंबर (7, 174, 175, 176) में से लगभग 0.410 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है। शिकायत में बताया गया कि उक्त भूमि चरागाह, रास्ता और अन्य सार्वजनिक उपयोग की श्रेणी में आती है। लेकिन सरपंच ने इस भूमि पर अतिक्रमण कर रखा हैं।
शिकायत में अतिक्रमण के ये थे आरोप –
शिकायत के अनुसार सरपंच द्वारा शासकीय भूमि पर झोपड़ी का निर्माण किया गया। नलकूप (बोरवेल) का खनन कर फसल बोई गई। जमीन पर जुताई कर भूमि पर कब्जा किया गया। शिकायत प्राप्त होने के बाद जिला पंचायत कार्यालय द्वारा सरपंच एवं ग्राम पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
जवाब में बोले नहीं किया अतिक्रमण –
कारण बताओं नोटिस के जवाब में सरपंच ने 13 मार्च 2026 को जवाब प्रस्तुत कर आरोपों से इनकार किया। उन्होंने अपने जवाब में कहा कि उन्होंने किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं किया है और तहसील न्यायालय के आदेश की जानकारी भी उन्हें नहीं थी।
तहसील स्तर की जांच में खुलासा –
जिला पंचायत द्वारा तहसीलदार जावरा से प्रकरण की जानकारी मांगी गई। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि तहसील न्यायालय द्वारा पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका था, सरपंच को नोटिस की विधिवत तामिली भी दी गई थी। प्रकरण की जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस जवाब या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।
पहले ही हो चुकी थी कार्रवाई –
जिसके बाद तहसीलदार न्यायालय जावरा द्वारा 19 मई 2025 को पारित आदेश में अतिक्रमण को प्रमाणित मानते हुए सरपंच पर 10 हजार का अर्थदंड लगाया गया। अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे।
जिला पंचायत का अंतिम निर्णय –
जिला पंचायत सीईओ ने वैशाली जैन ने उपलब्ध साक्ष्यों और जवाबों का परीक्षण करने के बाद पाया कि सरपंच द्वारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किया गया। प्रकरण की जानकारी होने के बावजूद उचित जवाब नहीं दिया गया। इसी आधार पर धारा 40 के तहत सरपंच को पद से हटाने का निर्णय लिया गया।
अब 6 साल नहीं लड़ सकेंगे कोई चुनाव –
जिला पंचायत सीईओ द्वारा जारी आदेश में सरपंच को पद से तत्काल बर्खास्त किया गया हैं, साथ ही पंचायत सदस्यता समाप्त की गई वहीं आगामी 6 वर्षों तक किसी भी पंचायत चुनाव में भाग लेने पर प्रतिबंध भी लगा दिया गया हैं।
जिले में पहला सख्त मामला, अब अगला नंबर किसका ? –
रतलाम जिले में यह पहला ऐसा मामला माना जा रहा है, जिसमें किसी सरपंच को शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के कारण सीधे पद से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई से अन्य ग्राम पंचायतों में भी स्पष्ट संदेश गया है कि शासकीय भूमि पर कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सादाखेड़ी सरपंच पर हुई इस कार्रवाई के बाद अब जिले के ऐसे सरपंच जिन्होने सरकारी जमीन पर स्वयं अतिक्रमण किया हैं या रुपए लेकर किसी अन्य को अतिक्रमण करवाया हैं, उनमें हलचल पैदा हो गई हैं। जिला प्रशासन द्वारा पहली कार्रवाई तो गई हैं, अब देखना यह है कि अगला नंबर किसका हैं ?

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