– मामला उज्जैन जिले के नागदा की वारकोसिटी कॉलोनी का
– पूर्व एसडीएम के साथ साठगांठ कर किया था करोड़ों के राजस्व का नुकसान
– पांच साल बाद जिला कलेक्टर ने जारी किए वसूली के आदेश
नागदा/उज्जैन। मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री के भतीजे और वारको सिटी कॉलोनी नागदा के जावरा निवासी कॉलोनाइजऱ पर करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी के आरोपों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। अपर कलेक्टर उज्जैन ने दिनांक 06 नवम्बर 2025 को आदेश जारी करते हुए अनुविभागीय अधिकारी नागदा को टैक्स की वसूली के निर्देश दिए हैं। मामला वर्ष 2021 के कोरोना काल का है। उस समय तत्कालीन एसडीएम नागदा पर आरोप है कि उन्होंने कॉलोनाइजऱ प्रकाश कोठारी के साथ मिलीभगत कर शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुँचाया।
गौतम जैन की शिकायत पर 5 वर्षों बाद कार्रवाई –
इस संबंध में लीगल एक्टिविस्ट गौतम जैन पिता अभय कुमार जैन निवासी नागदा द्वारा 08 नवम्बर 2021 को शिकायत लोकायुक्त, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) और कलेक्टर उज्जैन को की गई थी। लंबी जांच के बाद अपर कलेक्टर उज्जैन ने शिकायत को सही पाते हुए टैक्स चोरी को प्रमाणित किया और वसूली का आदेश जारी किया।
कैसे हुई टैक्स चोरी –
वर्ष 2011 में तत्कालीन एसडीएम संतोष टेगौर ने वारको सिटी कॉलोनी की भूमि पर प्रतिवर्ष 21 लाख 45 हजार 181 रुपए का टैक्स निर्धारित किया था। लेकिन 17 मार्च 2021 को तत्कालीन एसडीएम ने अवैधानिक रूप से यह टैक्स घटाकर मात्र 93 हजार 540 रुपए प्रतिवर्ष कर दिया। दो राजस्व निरीक्षकों की रिपोर्ट टैक्स कम किए जाने के विरुद्ध आने के बावजूद आदेश पारित किया गया, जिससे शासन को करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान हुआ।
2 करोड़ की वसूली का बनेगा प्रकरण –
शिकायतकर्ता गौतम जैन के अनुसार, टैक्स चोरी की मूल राशि पर 2019 के प्रावधानों के तहत 11 प्रतिशत ब्याज लगाया जाएगा, जिससे वसूली की राशि बढ़कर लगभग 2 करोड़ रुपये हो जाएगी, जिसकी वसूली वारको सिटी कॉलोनाइजऱ प्रकाश कोठारी से की जानी है।
पहले भी रेरा भोपाल ने लगाया था जुर्माना –
वारको सिटी कॉलोनी से संबंधित मामले में रेरा भोपाल ने दिनांक 30 अक्टूबर 2024 को कॉलोनाइजऱ पर 2 लाख रुपए का जुर्माना, कॉलोनी के प्लॉट विक्रय पर रोक, और निवेशक विवेक शर्मा को 8 लाख का मुआवजा 12 प्रतिशत ब्याज दर से देने का आदेश दिया था।
कई फोरम पर लंबित हैं प्रकरण –
वारको सिटी कॉलोनी से जुड़े कई अन्य मामले वर्तमान में लोकायुक्त, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, कालोनी सेल उज्जैन और मध्यप्रदेश हाईकोर्ट इंदौर खंडपीठ में लंबित हैं, जिनमें भी आदेश आने प्रस्तावित हैं।
उच्च अधिकारियों पर कार्रवाई का इंतजार –
जनता के बीच यह सवाल प्रमुखता से उठ रहा है कि जब टैक्स चोरी का मामला प्रमाणित हो चुका है, तो तत्कालीन एसडीएम नागदा पर अब तक कोई विभागीय कार्रवाई क्यों नहीं हुई। जनता यह भी पूछ रही है कि शासन के राजस्व को नुकसान पहुँचाने वाले ऐसे प्रभावशाली कॉलोनाइजऱ और उच्च पदस्थ अधिकारी कब तक कार्रवाई से बचते रहेंगे।
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