– 18 वर्षों से सेवा दे रहे अतिथि शिक्षकों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे: आजाद स्कूल अतिथि शिक्षक संघ
– पुराने अनुभवी अतिथि शिक्षकों को पुनर्नियुक्ति देने की अपील
– मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेशभर में रैली, धरना और भूख हड़ताल की चेतावनी
जावरा। प्रदेश में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर जारी नए आदेश के विरोध में शुक्रवार को आजाद स्कूल अतिथि शिक्षक संघ, मध्यप्रदेश के नेतृत्व में जावरा में प्रदर्शन किया गया। संघ के रतलाम जिला अध्यक्ष के.के. सैनी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) कार्यालय पहुंचे और लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार सहदेव मोरे को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में अतिथि शिक्षकों ने आरोप लगाया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नियुक्ति आदेश के बिंदु 2.4 में 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस एवं नियमित मानदेय की अनिवार्यता रखकर वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी अतिथि शिक्षकों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उनका कहना है कि पिछले 18 वर्षों से निष्ठा और ईमानदारी के साथ सेवाएं देने वाले हजारों अतिथि शिक्षक इस शर्त के कारण नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या और पोर्टल में हैं तकनिकी खामियां –
संघ का कहना है कि प्रदेश के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या, पोर्टल की तकनीकी खामियों तथा अन्य कारणों से कई शिक्षकों की ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं हो सकी। ऐसे में उन्हें नियुक्ति से वंचित करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। अतिथि शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि वर्तमान आदेश में संशोधन नहीं किया गया तो प्रदेशभर में बड़े स्तर पर आंदोलन, रैली, ज्ञापन और भूख हड़ताल की जाएगी।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें –
– नियुक्ति आदेश के बिंदु 2.4 में दी गई 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस एवं नियमित मानदेय की शर्त पुराने अनुभवी अतिथि शिक्षकों के लिए पूरी तरह समाप्त की जाए।
– जिन शिक्षकों की वर्ष 2025-26 में किसी कारण ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं हो सकी, उन्हें उपस्थिति पंजी के आधार पर ऑफलाइन मानदेय प्रदान किया जाए।
– पिछले सत्र में नियमित नियुक्ति, स्थानांतरण, उच्च पद प्रभार अथवा अतिशेष शिक्षकों के कारण हटाए गए अतिथि शिक्षकों को उसी विद्यालय में पुन: रिक्त पद होने पर जॉइनिंग का अवसर दिया जाए।
– जिन विद्यालयों में स्वीकृत पदों की संख्या कम दर्शाकर पोर्टल पर केवल एक पद रिक्त दिखाया जा रहा है, वहां पूर्व की तरह सभी रिक्तियां प्रदर्शित की जाएं।
– पूर्व वर्षों में कार्य कर चुके अनुभवी अतिथि शिक्षकों को कार्य अनुभव के आधार पर पुन: नियुक्ति दी जाए।
अतिथि शिक्षकों ने कहा कि सरकार को वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को संभाल रहे अनुभवी शिक्षकों के हितों की रक्षा करनी चाहिए। यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।


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