– मनरेगा के तहत 1.36 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा
– पंचायत सचिव और जनपद उपयंत्री पर लगे गंभीर आरोप
जावरा। जनपद पंचायत जावरा अंतर्गत ग्राम पंचायत मोरिया में मनरेगा योजना के तहत वर्ष 2020 में घास बीड क्षेत्र में पौधारोपण कार्य दर्शाया गया था, लेकिन मौके पर एक भी पौधा नहीं पाया गया। इसके बावजूद कार्य पूर्ण बताकर लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया। जानकारी के अनुसार इस कार्य में मजदूरी भुगतान 89,064 रुपये तथा सामग्री भुगतान 47,835 रुपये, कुल 1,36,899 रुपये की राशि का आहरण किया गया। आरोप है कि पंचायत सचिव और उपयंत्री ने आपसी मिलीभगत से फर्जी तरीके से भुगतान निकाल लिया। पंचायत के जवाबदारों द्वारा पौधारोपण के बजाय पैसा रोपण किया गया हैं। और हैरानी की बात यह है कि सचिव, उपयंत्री और सहायक यंत्री द्वारा कार्य का पूर्णता प्रमाण-पत्र भी जारी कर दिया गया, जबकि मौके पर आज तक कोई पौधारोपण नहीं हुआ।
शिकायत के बाद पहुंची जांच टीम –
ग्राम निवासी श्याम गुर्जर ने इस पूरे मामले की शिकायत जिला पंचायत रतलाम की मुख्य कार्यपालन अधिकारी वैशाली जैन को की। शिकायत पर इंजीनियर मो. तारिक रहमान एवं एपीओ बिरबल सिंह मौके पर पहुंचे और स्थल निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया। ग्रामीणों ने जांच दल को बताया कि घास बीड क्षेत्र में आज तक एक भी पौधा रोपित नहीं किया गया।
पहले भी गड़बड़ी के आरोप –
शिकायतकर्ता का आरोप है कि सचिव और उपयंत्री द्वारा पूर्व में भी कई कार्यों में राशि निकाली गई लेकिन मौके पर कार्य नहीं मिला। गुर्जर ने संबंधित प्रमाण भी अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए हैं। ग्राम मोरिया निवासी उदेसिंह ने भी कथन में पुष्टि करते हुए कहा कि घास बीड में आज तक कोई पौधे नहीं लगाए गए, केवल कागजों में ही काम दिखाया गया है।
कड़ी कार्रवाई की मांग –
ग्रामीणों ने मामले की गंभीर जांच कराते हुए सचिव सुरेश कुमार एवं उपयंत्री मनीष कुलारे के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि जांच के बाद प्रशासन दोषियों पर क्या कदम उठाता है।
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