– अव्यवस्था और अतिक्रमण के साथ बेतरतिक खड़े रहते वाहन
– 200 मीटर तक अस्थायी डिवाईडर बनाकर वन वे बनाने तथा स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग
जावरा । नगर का पिपलौदा रोड आज शहर का सबसे चौड़ा मार्ग होने के बावजूद अव्यवस्था, अतिक्रमण और ट्रैफिक विभाग की घोर लापरवाही का शिकार होकर दिनभर जाम और दुर्घटनाओं का केंद्र बना हुआ है। इस मार्ग से लगी कॉलोनियों में हजारों की संख्या में नागरिक निवासरत हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार महकमे पूरी तरह बेपरवाह नजर आ रहे हैं।
सबसे ज्यादा भयावह स्थिति दोपहर के समय स्कूलों की छुट्टी और शाम को कार्यालय व बाजार से लोगों के लौटने के समय देखने को मिलती है। इन दोनों ही समयों में बाजार क्षेत्र से पिपलौदा रोड पर आने वाले नागरिकों को अपनी जान हथेली पर रखकर सड़क पार करनी पड़ती है। तेज रफ्तार वाहनों के बीच न तो कोई नियंत्रण है और न ही कोई सुरक्षा इंतजाम।
प्रशासन के लिए यहां दुघर्टना होना सामान्य बात –
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतने व्यस्त और संवेदनशील मार्ग पर एक भी ट्रैफिक जवान तैनात नहीं रहता। मानो प्रशासन ने यह मान लिया हो कि यहां दुर्घटना होना सामान्य बात है। पिपलौदा रोड पर दिनभर अतिक्रमण पसरा रहता है, दुकानों के बाहर सब्जी व फल के ठेले सड़क तक फैले रहते हैं, और ऊपर से बेतरतीब खड़े वाहन हालात को और बदतर बना देते हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि शहर का सबसे चौड़ा रोड होने के बावजूद यहां दिनभर जाम लगा रहता है। एंबुलेंस, स्कूली वाहन, मरीज और राहगीर सभी घंटों फंसे रहते हैं, लेकिन न ट्रैफिक विभाग को फर्क पड़ता है और न नगर प्रशासन को।
चौराहे से करीब 200 मीटर तक अस्थायी डिवाईडर और स्पीड ब्रेकर की मांग –
क्षेत्रवासी एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. मदनलाल गांगले ने बताया कि पिपलौदा रोड अब रेस ट्रैक में तब्दील हो चुका है, जहां फर्राटे से दौड़ते वाहन कभी भी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं। उन्होंने श्रीनगर कॉलोनी, प्रतापनगर, प्रताप नगर विस्तार, लायंस नैत्र चिकित्सालय, राठौर नर्सिंग होम से लेकर माईल स्टोन स्कूल, आक्स्फोर्ड स्कूल तथा सेंट पीटर स्कूल तक तत्काल स्पीड ब्रेकर निर्माण की मांग की है। वहीं मुख्य चौपाटी चौराहे से लेकर पिपलौदा पर करीब 100 से 200 मीटर तक स्थायी नहीं तो अस्थायी डिवाईडर बनाकर वन वे जैसे टे्रफिक निकालने की मांग की हैं। डॉ. गांगले ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए और किसी भी प्रकार की जनहानि होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी ट्रैफिक विभाग और नगर प्रशासन की होगी। वही जिला कलेक्टर ने भी तेज गति से वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि –
– क्या प्रशासन किसी मासूम की जान जाने के बाद ही जागेगा ?
– क्या पिपलौदा रोड पर ट्रैफिक व्यवस्था केवल कागज़ों में ही मौजूद है ?
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