– गुहार लेकर जनसुनवाई में पहुंची बुर्जूग महिला को एसडीएम अनिल भाना ने दिया धक्का
– जनसुनवाई में बार बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
– महिला बोली जब सुनवाई करनी ही नहीं हैं तो बंद कर दो ऐसी जनसुनवाई
रतलाम । ऐसी कहावत हैं कि भाजपा राज में अधिकारियों की मौज होती हैं, लेकिन केवल अधिकारियों की मौज ही नहीं, वरन् अधिकारी बेलगाम भी हो जाते हैं। ऐसे ही एक अधिकारी हैं रतलाम एसडीएम अनिल भाना, अपने बडबोले पन की वजह से भाना अक्सर चर्चाओं में रहते हैं। पूर्व में जावरा एसडीएम रहते भाना ने चौरासी बड़ायला के किसानों को गालियां तक दे डाली थी, तो अब रतलाम कलेक्टर कार्यालय पर अपनी गुहार लेकर जनसुनवाई में पहुंची एक बुर्जूग महिला को हाथ पकड़कर धक्का दे दिया, एसडीएम ने महिला के साथ अभद्रता की, धक्का देने का विडियों भी सोश्यल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा हैं। बावजूद प्रदेश की भाजपा सरकार अपने बेलगाम अधिकारी पर लगाम नहीं लगा पाई हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल विडियों में एसडीएम अनिल भाना महिला का हाथ पकड़कर उसे धक्का देते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं, इतना ही नहीं एसडीएम ने महिला से कहा- जा चली जा वीडियो में महिला आरक्षक भी महिला को खींचते नजर आ रही हैं। ये घटना मंगलवार को रतलाम कलेक्टर ऑफिस में अपनी गुहार लेकर जनसुनवाई में पहुंची जलांद्रिया मलवासा की अमरीबाई के साथ हुई, अमरीबाई कलेक्टर से मिलने की जिद कर रही थी। एसडीएम अनिल भाना और तहसीलदार ऋषभ ठाकुर ने महिला को समझाने की कोशिश कर रहे थे। जब महिला नहीं मानी तो पहले लेडी पुलिस कांस्टेबल ने उसे धकेला, उसके बाद एसडीएम भाना ने उसका हाथ पकड़कर उसे धकका दे दिया और उसे जाने के लिए भी कहा दिया।
सहकारी समिति के चुनाव की शिकायत लेकर पहुंची थी अमरी बाई –
महिला का नाम अमरी बाई है। वह जलांद्रिया मलवासा की इंदिरा मत्स्योद्योग सहकारी संस्था की सदस्य हैं। वह पिछले एक महीने से समिति में चुनाव कराने की मांग कर रही हैं। मंगलवार को जनसुनवाई में उसने यही मांग उठाई। जब अफसरों ने उसे बाहर किया तो वे चिल्लाने लगीं और कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़ गईं। महिला ने आरोप लगाया कि 20 साल से समिति में चुनाव नहीं हो रहे और अफसर कार्रवाई नहीं कर रहे।
महिला ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप –
अमरी बाई का कहना है कि वह एक महीने पहले आई थी। कलेक्टर ने कहा था, कार्यवाही चल रही है। महिला का आरोप है कि समिति के चुनाव नहीं हो रहे हैं, घपले चल रहे हैं। जब से समिति बनी है तब से फर्जी वोटिंग होती है। 20 साल से एक ही अध्यक्ष है। अनुदान का पैसा आता है, वह भी अध्यक्ष नहीं देता है। जब एसडीएम और तहसीलदार ने महिला को कलेक्टर से नहीं मिलने दिया तो महिला नाराज हो गई उसने कार्यालय के बाहर चिल्लाना शुरु कर दिया। बोली जब सुनवाई हीं करना हैं तो कैसी जनसुनवाई, बंद कर दो जनसुनवाई।
किसानों को दी थी गाली, सीएम ने जावरा एसडीएम पद से था हटाया –
उल्लेखनीय है कि करीब साल भर पूर्व जब भाना जावरा एसडीएम के पद पर पदस्थ थे, उस दौरान 5 फरवरी 24 को ग्राम चौरासी बड़ायला में रेलवे ठेकेदार और अधिकारियों के साथ पहुंचे एसडीएम भाना ने ग्रामीणों के साथ गलत व्यवहार किया था। उस दौरान भाना ने किसानों को गालियां तक दे डाली थी। जिसका विडियों भी जमकर वायरल हुआ था। जिसके बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भाना को तत्काल प्रभाव से रतलाम कलेक्टर कार्यालय अटैच किया था।
व्यवधान पैदा कर रही थी महिला, बैठाकर बात की –
एसडीएम अनिल भाना ने मामले में कहा कि महिला आक्रोशित थी, अनावश्यक व्यवधान पैदा कर रही थी। समझाने की कोशिश की। बैठाकर बात की। ऐसा कुछ नहीं हुआ है। इधर कलेक्टर राजेश बाथम का कहना है कि महिला की शिकायत पर जांच हो चुकी है। शिकायत निराधार है। महिला को समझाया गया, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थीं।



