-‘युवा शक्ति -विकसित भारत 2047Ó एवं ‘वंदे मातरम् के 150 वर्षÓ की थीम पर विद्यार्थियों ने दी शानदार प्रस्तुतियां, शिवाजी महाराज और महाराणा प्रताप के भित्तिचित्र का हुआ लोकार्पण
जावरा। देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम और विकसित भारत के संकल्प से ओतप्रोत वातावरण में जावरा पब्लिक स्कूल में भारत का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, गरिमा एवं भव्यता के साथ मनाया गया। इस वर्ष समारोह की केंद्रीय थीम “युवा शक्ति–विकसित भारत 2047” एवं “वंदे मातरम् के 150 वर्ष” रही। विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं देशभक्ति प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा से लेकर विकसित भारत के संकल्प तक की प्रेरणादायी यात्रा को जीवंत कर दिया।
भव्य मार्च-पास्ट के साथ हुआ समारोह का शुभारंभ –
स्वतंत्रता दिवस समारोह का शुभारंभ भव्य परेड एवं मार्च-पास्ट के साथ हुआ। विद्यालय के प्रबंध निदेशक अशोक मूणत एवं सरोज मूणत तथा प्रधानाचार्य डॉ. पीयूष मूणत का गरिमामय स्वागत किया गया। इसके पश्चात तीनों अतिथियों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। ध्वजारोहण के साथ ही पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत की स्वर लहरियों से गूंज उठा और वातावरण में राष्ट्रभक्ति की अद्भुत अनुभूति देखने को मिली।
शिवाजी महाराज और महाराणा प्रताप के भित्तिचित्र का लोकार्पण –
समारोह की अगली कड़ी में मुख्य अतिथियों एवं प्रधानाचार्य डॉ. पीयूष मूणत द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज एवं महाराणा प्रताप के भव्य भित्तिचित्र (मुराल) का लोकार्पण किया गया। इन महान राष्ट्रनायकों के शौर्य, स्वाभिमान, साहस एवं राष्ट्रप्रेम को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक बताया गया।
नन्हे कदमों में अनुशासन की ताल—डम्बल पी.टी. ने मोहा मन –
नन्हे विद्यार्थियों के समूह ने शानदार डम्बल पी.टी. प्रदर्शन प्रस्तुत कर अनुशासन, ऊर्जा, तालमेल एवं सामूहिकता का अद्भुत परिचय दिया। विद्यार्थियों की एकरूपता और उत्साहपूर्ण प्रदर्शन ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया।
1947 से 2047 तक की यात्रा पोस्टर परेड में हुई प्रदर्शित –
इसके बाद विद्यार्थियों ने “पोस्टर परेड–1947 से 2047 : आजादी की भोर से विकसित भारत की ओर” के माध्यम से भारत की स्वतंत्रता से लेकर वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनने की संकल्पित यात्रा को आकर्षक पोस्टरों के माध्यम से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता के जरिए देश की उपलब्धियों, विकास और भविष्य के भारत की परिकल्पना को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा।
सुरों में भारत, शब्दों में राष्ट्रप्रेम –
संगीत समूह द्वारा “नमस्ते सदा वत्सले” एवं “जयति जय जय मम भारतम्” जैसे देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। कक्षा 4वीं गंगा के छात्र मास्टर तनीष्क जैन ने “भारत दुनिया की सबसे बड़ी व्यवस्था है” विषय पर प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत कर भारत की लोकतांत्रिक एवं सांस्कृतिक शक्ति को रेखांकित किया। कक्षा 11वीं विज्ञान की छात्रा सुश्री रोशनी भावेल ने “वंदे मातरम्” विषय पर भावपूर्ण कविता प्रस्तुत की। इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा वंदे मातरम् एवं आजादी की थीम पर दो शानदार नृत्य प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्होंने पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
“पाँच प्रण” से विकसित भारत का संकल्प –
समारोह में विद्यार्थियों द्वारा “पाँच प्रण” पर आधारित विशेष प्रस्तुति दी गई। पांच अलग-अलग विद्यार्थी समूहों ने पिरामिड प्रदर्शन के माध्यम से एकता, अनुशासन, साहस, संकल्प एवं राष्ट्रसेवा का प्रभावशाली संदेश दिया। विद्यार्थियों की ऊर्जा, संतुलन, साहस और सामूहिक समन्वय ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नन्हे विद्यार्थियों की विशेष प्रस्तुति ने किया भावविभोर –
समारोह के समापन चरण में नन्हे विद्यार्थियों द्वारा राष्ट्रीय गान पर विशेष प्रस्तुति दी गई। इस भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भावविभोर कर दिया। उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्र के प्रति सम्मान, गौरव एवं कृतज्ञता की भावना के साथ इस विशेष क्षण का अनुभव किया।
एम.डी. अशोक मूणत ने दिया विद्यार्थियों को राष्ट्रनिर्माण का संदेश –
विद्यालय के प्रबंध निदेशक अशोक मूणत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “स्वतंत्रता हमें विरासत में मिली है, लेकिन विकसित भारत हमें अपने कर्मों से बनाना है।” उन्होंने विद्यार्थियों से अपने सपनों को ऊंचा रखने तथा उन सपनों में राष्ट्रहित को सर्वोच्च स्थान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी अपने ज्ञान, प्रतिभा और अच्छे संस्कारों के माध्यम से देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों को श्रेष्ठ नागरिक बनने तथा भारत को विश्व के अग्रणी राष्ट्रों में स्थापित करने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।
प्रधानाचार्य डॉ. पीयूष मूणत ने विकसित भारत में विद्यार्थियों की भूमिका बताई –
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. पीयूष मूणत ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों को राष्ट्रनिर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत कराया। उन्होंने अनुशासन, जिम्मेदारी, सकारात्मक सोच एवं नेतृत्व क्षमता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि देशहित में सोचने के साथ-साथ जनहित में अपने स्तर पर योगदान देना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान, कार्य और व्यवहार के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की।
राष्ट्रप्रेम और विकसित भारत के संकल्प से मजबूत हुआ विद्यार्थियों का आत्मविश्वास –
जावरा पब्लिक स्कूल में आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह ने विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं विकसित भारत के प्रति जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया। यह आयोजन केवल स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन करने का अवसर नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों को “आजादी से विकसित भारत तक” की यात्रा में अपनी भूमिका पहचानने का प्रेरणादायी मंच भी बना। समारोह का संदेश विद्यार्थियों के लिए स्पष्ट रहा कि देश की स्वतंत्रता को बनाए रखना और भारत को विकसित एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाना आने वाली पीढ़ी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

