– फसल बीमा घोटाले, राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के आरोपों पर सेंकड़ो किसान सड़कों पर उतरे
– अधिकारियों की गैरमौजूदगी से बढ़ा आक्रोश, अल्टीमेटम के बाद पहुंचे तहसीलदार लिया ज्ञापन
जावरा। खरीफ वर्ष 2025 की सोयाबीन और मक्का फसल के बीमा भुगतान में कथित अनियमितताओं, राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार और किसानों से अवैध वसूली के आरोपों को लेकर गुरुवार को जावरा में कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन किया। भारी बारिश के बावजूद हजारों किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता पिपलोदा रोड चौपाटी से विशाल रैली निकालते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन उस समय और उग्र हो गया जब पूर्व सूचना के बावजूद एसडीएम रचना शर्मा और तहसीलदार पंकज पवैया ज्ञापन लेने मौके पर नहीं पहुंचे। इससे नाराज किसानों और नेताओं ने एसडीएम कार्यालय पर ताला लगाने की चेतावनी दी, जबकि कई किसान फोरलेन जाम करने पर भी अड़ गए। हालाकि एसडीएम नवागत कलेक्टर द्वारा आहूत की गई बैठक के लिए रतलाम गई थी। इस कारण वे मौजुद नहीं थी।
राजस्व विभाग हैं या दुकान –
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जावरा ग्रामीण, पिपलोदा उत्तर एवं पिपलोदा दक्षिण के संयुक्त आह्वान पर आयोजित प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों के साथ बड़ा छल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीमा राशि वितरण में भारी विसंगतियां और भ्रष्टाचार हुआ है, जिसकी जिम्मेदारी वर्तमान सरकार, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी और जनप्रतिनिधियों पर है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजस्व विभाग में खाता-खसरा और नक्शा सुधार के नाम पर किसानों से अवैध वसूली की जा रही है और अधिकारी भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होने कहा कि राजस्व विभाग नहीं ये दुकान हैं, जहां कोई चीफ फ्र ी नहीं मिलती, हर चीज का रेट फिक्स हैं।
इन नेताओं ने घेरा सरकार को –
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भेरूलाल परमार ने केंद्र सरकार पर किसानों की समस्याओं से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता वरुण क्षोत्रीय ने फसल बीमा कंपनी पर किसानों के साथ लूट का आरोप लगाया। पार्षद निजाम काजी ने कहा कि कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता जनता के अधिकारों की लड़ाई के लिए तैयार है और भ्रष्टाचार के खिलाफ अंतिम लड़ाई लड़ी जाएगी। जिला पंचायत सदस्य राजेश भरावा ने घोड़ारोज़ और जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान पर सरकार को घेरा, सभा को योगेंद्र सिंह, राजेश पटेल, नितेश सुराना, डॉ. रमेश शाह, पप्पू चारोडिया सहित कई नेताओं ने भी संबोधित किया। इसके बाद किसानों ने तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
अधिकारियों की गैरमौजूदगी से भड़का आक्रोश –
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पूर्व सूचना देने के बावजूद एसडीएम और तहसीलदार का मौके पर मौजूद नहीं होना किसानों का अपमान है। इस पर कांग्रेस नेताओं और किसानों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए एसडीएम कार्यालय पर ताला लगाने और फोरलेन जाम करने की चेतावनी दी। हालांकि बाद में समझाइश के बाद स्थिति नियंत्रित हुई।
राजस्व विभाग पर भी साधा निशाना –
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने राजस्व विभाग में कथित भ्रष्टाचार, नामांतरण, सीमांकन, खाता-खसरा और नक्शा सुधार के नाम पर अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
इनकी रही उपस्थिति –
प्रदर्शन में सुरेंद्र कुमावत, महेश नांदेचा, बद्रीलाल गरगर, पेपा पहलवान, कान्हा हाड़ा, रईस मंसूरी, सईद कुरैशी, रमेश रारोतिया, बाबूलाल पाटीदार, बालाराम सरपंच, आशाराम सरपंच, इब्राहिम मंसूरी, मोबीन मेव, यास्मीन खान, अलफेज खान, संयम शर्मा, महेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे। अंत में युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष सनी अखेडय़िा ने आभार व्यक्त किया।


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