– तीन दिन का समय दिया था, गुरुवार को पहुंचे एमपीआरडीसी के संभागीय अधिकारी, दी समिति सदस्यों को सड़क की जानकारी
– जनसंघर्ष समिति का धरना रहेगा निरंतर जारी, करेंगे उग्र आंदोलन, अब सीएम के घेराव की तैयारी
जावरा। उज्जैन से जावरा तक प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे पर होटल ज़ोयो चौराहे से भुतेड़ा एक्सप्रेस वे तक बनाने वाली सड़क को लेकर गुरुवार को एमपीआरडीसी के संभागीय अधिकारियों ने धरना प्रदर्शन कर रही जन संघर्ष समिति के समक्ष जानकारी रखी, जिसमें उन्होने बताया कि उज्जैन से लेकर भूतेड़ा एक्सप्रेस वे तक ही ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे बनेगा, भूतेड़ा से लेकर जोयो तक ग्राउण्ड लेवल पर बनेगा फोरलेन, लेकिन इस हिस्से में पडऩे वाले सात इंटरचेज पर 7 फ्लाय ओव्हर बनेंगे। बाकी सड़क नीचे ही बनेगी। प्रोजेक्ट को लेकर धारा 11 के तहत अधिसूचना जारी हो चुकी हैं, यदि किसी को कोई आपत्ती हैं, तो अधिसूचना जारी होने के बाद आपत्ती दर्ज करने हेतु 60 दिन का समय रहता हैं, उसमें अपनी लिखित आपत्ती दर्ज करवाने की बात अधिकारियों ने कहीं। अधिकारियों की बात सुनने के बाद जन संघर्ष समिति सदस्यों और अधिकारियों के बीच तिखी नोकझोक हो गई। समिति सदस्य बोले ऐसे तो सड़क का पुरा सत्यानाश हो जाएगा। बात इतनी बढ़ी कि कुछ सदस्यों को अधिकारियों की गाड़ी के आगे ही लेटना पड़ा। विवाद बढ़ता देख अधिकारी अपनी अपनी गाडिय़ों में बैठकर उल्टे पांव लोट गए। जिसके बाद अब समिति सदस्यों ने आंदोलन को आगे भी जारी रखने की बात कहते हुए उग्र आंदोलन के साथ ही सीएम के घेराव की रणनीति बनाने की योजना तैयार की जा रही हैं।
होटल ज़ोयो से लेकर भूतेड़ा तक बनने वाले फ्लाय ओव्हर का विरोध तथा इस मार्ग पर व्यापार को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए जनसंघर्ष समिति लगातार प्रदर्शन कर रही हैं। इसी कड़ी में बीते तीन दिन से होटल ज़ोयो चौराहे पर जनसंघर्ष समिति का धरना लगातार जारी हैं। समिति ने एमपीआरडीसी को सड़क से संबंधित सभी जानकारी देने के लिए तीन दिन का समय दिया था। जिसके बाद गुरुवार को दोपहर में एमपीआरडीसी के संभागीय अधिकारी सुरेश मनवानी, एसडीएम त्रिलोचन गौड़, तहसीलदार संदीप इवने, पटवारी पंकज राठौर, नवीन शर्मा आदि धरना स्थल पर पहुंचे और समिति सदस्यों को सड़क निर्माण को लेकर जानकारी दी। जानकारी मिलने के बाद संघर्ष समिति के डीपी धाकड़, असलम मेव तथा धरने को समर्थन देने पहुंचे पूर्व नपाध्यक्ष मोहम्मद युसूफ कड़पा और अधिकारियेां के बीच अधिकारियों के बीच तिखी बहस चालु हो गई। जिसके बाद अधिकारी उल्टे पैर लोट गए।
अब होगा उग्र आंदोलन –
जन संघर्ष समिति के डीपी धाकड़, असलम मेव आदि ने बताया कि एमपीआरडीसी के अधिकारियों ने जानकारी दी हैं, उसके अनुसार सात फ्लाय ओव्हर बनेंगे, साईडों में सर्विस रोड़ बनेगी, जिससे दुकानों को नुकसान होगा। जब प्रोजेक्ट पुरा ही नया हैं तो इसका स्थान परिवर्तन किया जा सकता हैं, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा हैं। एमपीआरडीसी ने धारा 11 के तहत अधिसूचना का प्रकाशन भी कर दिया हैं, ऐसे में अब प्रोजेक्ट में परिवर्तन करना अधिकारियों के बस में नहीं हैं, अब केवल इस मामले में सीएम लेवल से ही कुछ काम हो सकता हैं। ऐसे में अब समिति अपना धरना निरंतर जारी रखेगी, जिसमें शहर की जनता से समर्थन मांगा जाएगा, आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। वहीं अब सीएम का घेराव कर अपनी बात उन तक रखी जाएगी।
कड़पा बोले अब कहां बसाऐंगे इन्है –
धरने के चौथे दिन समर्थन देने पहुंचे पूर्व नपाध्यक्ष मोहम्मद युसूफ कड़पा ने अधिकारियों से कहा कि पहले ही बड़ी मुश्किल से इस रोड़ पर व्यापार व्यवसाय जमा हैं, अब यदि सात ओव्हरब्रिज के साथ सड़क बनेगी तो यहां का व्यापार पुरी तरह से खत्म हो जाएगा, तो अब इन्है कहां ले जाकर बसाएंगे। जिन लोगों की जमीन प्रभावित हो रही हैं, उनके रोजगार के लिए आप कहां जमीन दे रहे हैं, इन्है कहां बसा रहे हैं, इसका खुलासा भी करें।
एसडीएम बोले लिखित आपत्ती दर्ज करें –
अधिकारियों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे एसडीएम त्रिलोचन गौड ने समिति सदस्यों से कहा कि आपके आवेदन पर एमपीआरडीसी के अधिकारियों को आपके समक्ष बुलवा लिया गया हैं, आपको सड़क संबंधी जानकारी भी मिल गई हैं, धारा 11 के तहत 22 और 30 नवंबर को अधिसूचना जारी की जा चुकी हैं, जिसके तहत अभी आपत्ती दर्ज करने का समय हैं, आपको जो भी आपत्ती हैं, वह लिखित में दर्ज करें और धरने को समाप्त कर दें।

