कानपूर में हुई घटना के विरोध में कर्बला मैदान पर बड़ी संख्या में जमा हुए थे समाजजन
– जुमे की नमाज़ के बाद राष्ट्रपति के नाम देने था ज्ञापन, लेकिन समिति पदाधिकारियों ने पहले ही दे दिया ज्ञापन
– भड़के समाजजनों ने सीरत कमेटी आफीस के बाहर किया प्रदर्शन, लगाए नारे, पुलिस ने संभाला मोर्चा
जावरा। ईद मिलाद उन नबी पर्व के दौरान कानपूर जिले के रावतपुर स्थित सैय्यद नगर में आई लव मोहम्मद के बैनर को लेकर की गई पुलिस कार्रवाई और बैनर उतरवाने के मामले में शुक्रवार को जावरा शहर में जुम्मे की नमाज़ के बाद सीरत कमेटी द्वारा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देने को लेकर सूचना दी गई थी। जिसके चलते जुम्मे की नमाज़ बाद बड़ी संख्या में समाजजन कर्बला मैदान पहुंचे, लेकिन तय समय से करीब 15 मीनिट पहले ही सीरत कमेटी पदाधिकारियों ने एसडीएम अनिल जायसवाल और सीएसपी युवराजसिंह चौहान को शहर थाना प्रभारी जितेन्द्रपालसिंह जादौन की उपस्थिति में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप दिया। जिससे बड़ी संख्या में कर्बला मैदान पर जुटे समाजजन नाराज हो गए और कर्बला मैदान स्थित सीरत कमेटी आफीस के बाहर प्रदर्शन करने लगे। समाजजन कर्बला मैदान से जुलूस निकालने की बात पर अडे रहे, लेकिन सीरत कमेटी पदाधिकारियों ने कहा कि जुलूस की अनुमति नहीं हैं।
पदाधिकारियों से की इस्तिफे की मांग –
प्रदर्शन के दौरान समाजजनों ने कमेटी पदाधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उनके इस्तिफे की मांग तक कर डाली। मामला बढ़ता देख सीरत कमेटी पदाधिकारियों ने आफीस बंद कर दिया तो गुस्साए समाजजन तोड़ फोड़ पर उतर आए और कर्बला मैदान ने तहसील कार्यालय की और रैली के रुप में बढऩे लगे। जिस पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग करते हुए भीड़ को तीतर बीतर करते हुए मोर्चा संभालना पड़ा। इधर कमेटी पदाधिकारियों को दोषारोपण करते हुए समाज के युवाओं ने इस्तिफा देने की मांग की। जिस पर वर्तमान सीरत कमेटी पदाधिकारियों द्वारा इस्तिफा देने की बात सामने आई हैं, लेकिन इसकी पुष्टी अब तक नहीं हो पाई हैं।
प्रशासन को दो बार लेना पड़ा ज्ञापन –
सीरत कमेटी द्वारा ज्ञापन देने के बाद गुस्साए समाजजनों की भीड़ के दबाव के चलते एसडीएम और सीएसपी को दो बार ज्ञापन लेना पड़ा। राष्ट्रपति के नाम सौंपे ज्ञापन में बताया कि गत 4 सितम्बर 2025 को उत्तरप्रदेश के कानपूर जिले के रावतपुर स्थित सय्यद नगर में ईद-मिलाद-उन नबी के जलसे में आई लव मोहम्मद स.अ.व. लिखा हुआ बैनर लगाने को लेकर स्थानीय प्रशासन द्वारा 08 लोगो पर नामजद एवं 15 अज्ञात लोगो पर 10 सितम्बर 2025 को असत्य व झूठी एफ.आई.आर. कर दी गई हैं। उप-निरीक्षक पंकज शर्मा द्वारा धार्मिक भेदभाव करते हुए मुस्लिम समाज को भड़काने के लिये धार्मिक आजादी पर पाबंदी लगाने का काम किया है और संविधान के विरूद्ध जाकर असत्य व झूठी शिकायत दर्ज की गई है। यह एफ.आई.आर. विधि एवं विधान के विपरित है, क्योकि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15 से 28 में किसी भी व्यक्ति को अपने धर्म की स्वतंत्रता एवं अभिव्यक्ति का अधिकार प्रदान किया गया है, किन्तु उत्तरप्रदेश में दर्ज उक्त एफ.आई.आर. से ऐसा लगता है कि मुस्लिम समाज को अपने धर्म का पालन करने से रोका जा रहा हैं और अवैधानिक पांबदी आयद की जा रही है। ज्ञापन में उक्त एफ.आई.आर.को खत्म और धार्मिक भेदभाव करने वाले प्रशासनिक अधिकारीयों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही करने की मांग की गई हैं।



