– तीसरा अखण्ड पाठ साहेब का शुभारंभ हुआ, लगंर भी किया वितरित
जावरा। पंजाबी समाज द्वारा आज श्री गुरु नानक देव जी महाराज का 556 वा प्रकाश पर्व गुरुद्वारा श्री दु:ख निवारण साहिब स्टेशन रोड पर बड़े ही धूमधाम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शुक्रवार को प्रात: नगर कीर्तन शोभायात्रा निकाली गई जो प्रमुख मार्गो से होती हुई गुरुद्वारा साहिब पहुंची। यात्रा का जगह जगह पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया। ज्ञानी हंसराज सिंह द्वारा दूसरे अखंड पाठ साहिब की समाप्ति की गई फिर तीसरा अखंड पाठ साहेब आरंभ किया गया। ज्ञानी जी व बच्चों द्वारा शब्द कीर्तन गायन किया गया। गुरुद्वारे पर आकर्षक विद्युत सज्जा, गुब्बारे की सज्जा,फूलों की सज्जा की गई।
स्कूल के बच्चो द्वारा गुरुद्वारे पहुंचकर गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे मत्था टेका व गुरुद्वारे के दर्शन किए। दोपहर में समाप्ति पश्चात लंगर वितरित किया गया। ज्ञानी जी समाज वा देश में सुख शांति व खुशहाली की अरदास की। रात्रि में 10.30 से 1.30 बजे तक गुरु का जन्मोत्सव मनाया गया। गुरुद्वारे पर दीप जलाए व आतिशबाजी की गई। ज्ञानी जी ने मंगलगीत गाए।
इनकी रही उपस्थिति –
इस अवसर पर समाज अध्यक्ष अमृतसिंह सेठी, हरपालसिंह गंभीर, अशोक मोंगा, सतपाल मोंगा, अशोक उबी, मंजीतसिंह सलूजा, इंद्रपालसिंह सेठी, जसविंदर सिंह खंडूजा, राजिंदरसिंह गंभीर, कुलजीतसिंह गुर, अपारसिंह गंभीर, बलविंदर सिंह सेठी, गुरजीत सिंह गंभीर, मनमीत सिंह गुर, जिम्मी सिंह, नवदीपसिंह सलूजा, हरप्रीतसिंह गंभीर, परमजीतसिंह मदान, हेमंत मेहता आदी समाजजन मौजूद थे। इस कार्यक्रम की जानकारी देवेन्द्र सिंह गुर ने दी।
सिंधी समाज ने भी मनाया प्रकाश पर्व –
सिंधी समाज जावरा अपने गुरु धन-धन साहिब श्री गुरुनानक देवजी का पावन 556 वां प्रकाश पर्व मनाया गया। स्टेशन रोड स्थित पूज्य सिंधी गुरुद्वारा पर प्रात: 4:30 बजें श्री तुलसी माता आरती व कार्तिक महात्तम कथा व प्रात: 5:30 बजें गुरु भक्ति की गई। सुबह गुरुद्वारा से प्रभातफेरी निकाली गई जो विभिन्न कॉलोनियों से होकर मुख्य मार्गो पर निकली। प्रात: 10 बजें कार्तिक महात्तम पाठ का समापन व प्रात: 11 बजें गुरु ग्रंथ साहब खुले सेज पाठ का समापन एवं दोपहर 12:15 बजें आरती व अरदास के बाद दोपहर 01:00 बजें से 4:00 बजें तक लंगर प्रसादी का वितरण किया गया। सायं 7:30 बजे समाज के सभी आयु वर्ग के लिए सिंधी पारिवारिक जोड़ी प्रस्तुति दी गई। जिसमें भव्य सिंधु महल नक्शा प्रस्तुतिकरण के साथ ही रंगोली प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरुस्कार वितरित किए गए। रात्रि 10:30 बजें गुरु जन्मोंत्सव मनाया गया।
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