– जल मित्र सम्मेलन में ली जल बचाने की शपथ
जावरा। जल संरक्षण के लिए जल स्रोतों पर ध्यान देना होगा इसके लिए शासन की सजकता और जनता की जागरूकता आवश्यक है। जनता के जागरुक होने पर ही जल है तो कल का नारा चरितार्थ होगा।
यह बात जन अभियान परिषद के पूर्व जिला उपाध्यक्ष अशोक पाटीदार (बांगरोद) ने अटल ग्राम विकास सामाजिक संगठन द्वारा विश्व जल दिवस के अवसर पर अन्नक्षेत्र क्षेत्र परिसर में आयोजित जल मित्र सम्मेलन में व्यक्त किये। पाटीदार ने कहा कि जल संग्रहण के उपाय किये जाना चाहिए तथा जल स्रोतों के संग्रहण क्षेत्र को चिन्हित कर उनमें जल संग्रहण एवं वृक्षारोपण के प्रयास किए जाने से ही जल स्रोतों में जल की उपलब्धता होगी। सम्मेलन में विक्रमादित्य पाटीदार ने कहा कि कम जल के उपयोग वाली फसलों को प्रोत्साहित करना होगा तथा जल की सीमाएं तय करना होगी। जल का सभी सदुपयोग करें और जिम्मेदार नागरिक होते हुए जल जल जागरण में कार्य करें। जिला जल सलाहकार आनंद व्यास ने कहा कि देश के 21 चिन्हित जिलों में इंदौर और रतलाम शामिल है जहां पर पानी कि भविष्य में कमी होने वाली है इसके स्थाई निदान की आवश्यकता है। आम्बा के कृषक राजनसिंह राठौड़ ने जल बचाने के अपने अनुभव कथन प्रस्तुत करते हुए कहा कि वह 1992 से उनके क्षेत्र में हो रही वर्षा का रिकॉर्ड रखते हैं तथा सिंचित कृषि करने के बजाय जैविक कृषि पर ज्यादा ध्यान देते हैं आपने कहा कि उन्होंने अब तक लगभग 20 करोड़ लीटर से अधिक पानी बचाया है जिसका हिसाब उनके पास हैं।
संस्था 2009 से कर रही जल बचाओं पर कार्य –
सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए अटल ग्राम विकास सामाजिक संगठन के अध्यक्ष अभय कोठारी ने कहा कि संस्था द्वारा 2009 से प्रारंभ जल बचाओ अभियान निरंतर जारी है तथा संस्था ने जल संरक्षण के लिए आम जनता जागरुक और जिम्मेदार बने इसके लिए अनेक कार्यक्रम आयोजित किए हैं, जल मित्र सम्मेलन भी उसी का एक अंग है जो 2 वर्ष में एक बार किया जाता है। आपने कहा कि क्षेत्र में जल मित्र समितियां की सक्रियता एवं उनके माध्यम से जन जागरण के कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। जल मित्र सम्मेलन में रिंगनोद के धीरेंद्र श्रीमाल, कालूखेड़ा के दिलीप भंडारी, सतीश शिकारी ने भी अपने विचार रखें।
सम्मेलन में जल बचाने की ली शपथ –
सम्मेलन में उपस्थित सभी सदस्यों को जल बचाओ की शपथ दिलाई गई। स्वागत भाषण जल मित्र समिति संयोजक वीरेंद्र सिंह चौहान ने दिया। सरस्वती वंदना राजेन्द्र त्रिवेदी ने प्रस्तुत की। अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत संस्था के सचिव महेश शर्मा, कोषाध्यक्ष दिलीप त्रिवेदी, कार्यक्रम समन्वय रमेश मनोहरा, विनोद चौरसिया अम्बा प्रसाद शिकारी, ओमप्रकाश शिकारी, मो.रफीक मुन्ना पेन्टर ने किया। संचालन एवं आभार सम्मेलन संयोजक जगदीश उपमन्यु ने किया।



