– गीता जयंति महोत्सव के तहत चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा, आज होगी पूर्णाहूति
जावरा। निरंतर पल पल भगवान का चिंतन करें, संत के बीना जीवन सफल नहीं होगा। संतो व गुरुओं का सानिध्य करें। इनके यहां से कोई भी खाली नहीं लोटता है। शरीर अपवित्र होते हुए भी पवित्र है क्यों कि शरीर परमतत्व से जुड़ा है। संस्कार बिगड़े है तो हमारी संस्कृति बिगड़ी है। देश समाज और मातृभूमि के लिए जीए, देश की सीमा पर खड़ा सैनिक वैतन के लिए नहीं वतन के लिए लड़ता है। सीमा पर सैनिक व देश में संत ही है तो देश को बचाते है। हमारी संतान सैनिक हो, संस्कारित हो, मर्यादित हो, जीवन को सुंदर व सात्विक बनाईये, शरीर को त्यागने से पहले गलत आचरण का त्याग कर दो। वर्तमान में लक्ष्मण रेखा का उल्लघन किया है, रामायण आपको परिवार में जीना सीखा रही है।
यह बात श्री गीता भवन ट्रस्ट द्वारा आयोजित 84 वें श्री गीता जयंति महोत्सव के तहत आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के आंठवे दिन भक्तों को कथा का रसपान करवाते हुए कथा प्रवक्ता राष्ट्रसंत नमन वैष्णव ने राम भरत मिलन के साथ राम सिता के साथ वन गमन के बाद सुर्पंखा की नाक कान काटना, मारिच वध के साथ श्रीराम और शबरी के संवाद को संगीतमय रुप से सुनाया। इस दौरान एसडीएम अनिल भाना ने भी सम्बोधित किया।
इन्होने लिया आरती और पोथी पूजन का लाभ –
नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के आंठवे दिन पौथी पूजन और आरती का लाभ एसडीएम अनिल भाना, अजय पाण्डेय सुजापूर, नपा सब इंजिनियर लोकेश विजय, समाज सेवी मोहन सैनी ने लिया। कथा प्रवक्ता व अतिथियों का स्वागत सचिव अशोक सेठिया, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र गर्ग, सहसंयोजक कैलाश विजयवर्गीय, हरिनारायण अरोड़ा, राजेन्द्र श्रोत्रिय, गायत्री प्रसाद मंडलोई के साथ नपा पार्षद रजत सोनी, शिवेन्द्र माथुर, अनिल मोदी के साथ सनातक महिला मंडल की सदस्याओं ने शाल श्रीफल से स्वागत किया। इस दौरान जगदीश कुमावत, बहादुरसिंह सोनगरा, दिलीप हेमावत आदि सहित आसपास के श्रावक श्राविकाएं उपस्थित रहे। प्रतिदिन पंडित देवाशिष उपाध्यक्ष पूजन अर्चन करवा रहे है। संचालन वरिष्ठ अभिभाषक आई पी त्रिवेदी ने किया।


