– भूतेड़ा से हिंगलाज माता होकर निकालने वाले एक्सेस वे का भी हुआ विरोध
– किसान बोले जब 2010 में फोरलेन के लिए जमीन अधिगृहित कर ली तो अब नया क्यों बना रही सरकार
– पूर्व वाले रोड़ को ही फोरलेन बना दे, नहीं चाहिए ग्रीन फिल्ड एक्सेस वे
जावरा। उज्जैन से जावरा तक प्रस्तावित ग्रीन फिल्ड एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सेस वे को लेकर नीत नए प्रस्ताव सामने आ रहे हैं। पूर्व में भूतेड़ा से होटल ज़ोयो तक फ्लाय ओव्हर वाले एक्सेस वे का विराध हुआ तो एमपीआरडीसी ने इसे भूतेड़ा तक ही बनाने का निर्णय लिया। फिर पुरे रोड़ का टेंडर ही रद्द हो गया। अब फिर से भूतेड़ा से लेकर लालाखेड़ा से हिंगलाज माता मंदिर से होकर लेबड़ नयागांव फोरलेन को जोडऩे का प्रस्ताव बना और उसके अनुसार जमीन अधिगृहण की चर्चा हुई तो अब इस क्षैत्र के प्रभावित वास्तविक किसानों ने विरोध करना शुरु कर दिया हैं। किसानों का कहना हैं सरकार उनकी खेती को बर्बाद कर देना चाह रही हैं। यही कारण हैं कि उनके खेतों मे से होकर 10 फीट ऊंचा एक्सेस वे निकाल रही हैं। जबकि 2010 में भूतेड़ा से होटल जोयो तक सरकार फोरलेन के मान से जमीन अधिगृहित कर चुकी हैं। फिर भी नई सडक़ के लिए नई जमीनों का अधिगृहण सरकार क्यों करना चाह रही हैं। सरकार पूर्व से स्थित टू लेन को ही फोरलेन में परिवर्तित कर दें।
अपनी इसी मांग को लेकर बुधवार को प्रभावित किसान धाकड़ चौराहे से ट्रेक्टर लेकर एसडीएम कार्यालय तक पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम त्रिलोचन गौड़ को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होने उपरोक्त मांग की हैं। ट्रेक्टर रैली के रुप में एसडीएम कार्यालय पहुंचे किसानों ने पहले जमकर नारे बाजी की, इस दौरान एसडीएम कार्यालय पर नहीं थे, तो किसानों ने कार्यालय के बाहर ही धरना दे दिया और एसडीएम को बुलाने की मांग करने लगे, बोले ये पहले भी दो बार आ चुके हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही हैं, आज भी यदि एसडीएम नहीं आए तो किसान टे्रक्टरों से ही फोरलेन जाम कर देंगे जिसका जवाबदारी सारी प्रशासन की रहेगी। प्रदर्शन के दोरान एक किसान चक्कर खाकर नीचे भी गिरा। जिसे अन्य प्रदर्शन कारियों ने संभाला।
तहसीलदार पहुंचे तो किसान बोले एसडीएम से ही करेंगे बात –
प्रदर्शन के दौरान एसडीएम कार्यालय में मौजुद तहसीलदार संदीप इवने और वैभव जैन किसानों से चर्चा करने पहुंचे तो किसानों ने दोनो तहसीलदारों से चर्चा करने से मना कर दिया और कहा कि उनकी समस्या वे एसडीएम को ही बताएंगे और ज्ञापन भी एसडीएम को ही देंगे। ऐसे में दोनो तहसीलदार वापस आफिस में लोट गए। कुछ देर बाद एसडीएम गौड़ पहुंचे तो किसानों ने उनसे अपनी बात बिती बताते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में किसानों ने बताया कि वर्तमान में भुतेडा के पास 8 लेन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे भूतेड़ा से उज्जैन तक नवीन ग्रीन फिल्ड एक्सप्रेस वे राज्य सरकार द्वारा निर्मित कराया जा रहा हैं ओर वर्तमान मे दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे भूतेड़ा से रतलाम मंदसौर हाईवे फोरलेन तक उक्त बायपास रोड के चौडीकरण हेतू भी जानकारी प्रार्थी को प्राप्त हुई हैं। जबकि पूर्व से ही वर्ष 2010 से ही इस बायपास के लिये मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेन्ट कोपेर्पोरेशन द्वारा फोरलने के लिये भूमि का अधिग्रहण किया गया हैं ओर उसके पास ही नवीन भूमि अधिग्रहण का भी प्रस्ताव दिया गया है जबकि मध्यप्रदेश ऐरोड डेवलपमेन्ट कोर्पोरेशन के पास पूर्व से ही फोरलेन निर्माण इतनी भूमि अधि ग्रहित की गई मौजूद है। राज्य शासन की मंशा अनुसार उक्त बायपास के स्थान पर नवीन फोरलेन रोड, 8 लेन एक्सप्रेस वे भूतेड़ा से लगता हुआ जोयो होटल तक बनाया जावे इसके लिये पूर्व से ही फोरलेन की भूमि उपलब्ध है इसी पर जमीन स्तर पर नवीन फोरलेन निर्मित किया जा सकता है तथा रोड डेवलपमेपमेन्ट कार्पोरेशन द्वारा रोड़ के मानचित्र अनुसार रोड़ जमीन लेवल से काफी उंचा निर्माण किया जा रहा चन्हे, जिसका कोई ओचित्य नहीं है। हुसैन टेकरी से हिंगलाज माता) मंदिर तक लिये नया अलायमेन्ट भी मध्यप्रदेश सडक़ विकास निगम द्वारा प्रस्तावित किया गया है जब कि राज्य शासन द्वारा हुसैन टेकरी चौराहे से जोयो होटल रतलाम मंदसोर रोड़ तक अधिग्रहित भूमि पूर्व से ही मौजुद है और ऐसा नया अधिग्रहिण किये जाने की स्थिति मे राज्य सरकार को वित्तीय हानि ही होगी और जनता के टैक्स की कमाई व्यर्थ मे अधिग्रहण कार्यवाही मे बर्बाद होगी जिसे रोका जाना आवश्यक है।
पूर्व से बना है टू लेन –
किसानो ने बताया कि उक्त बायपास के स्थान पर नवीन फोरलेन रोड, 8 लेन एक्सप्रेस वे से लगता हुआ रोजाना गाँव के पीछे से होता हुआ भैंसाना फंटे तक रतलाम मंदसौर फोरलेन को जोडऩे के लिये नवीन फोरलेन बायपास का निर्माण खेतो के अंदर नवीन ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जाना चाहिए जिससे जावरा नगर से लगे हुए व्यापार व्यवसाय यथावत बने हुए रहेंगे ओर हमसब लोग बेरोजगार होने से बच जावेंगे तथा यह फोरलेन रोड पूर्ण रूप से ग्रीन फिल्ड एक्सप्रेस वे के रूप में भी रहेगा। पूर्व से अधिग्रहित भूमि मे टू लेन रोड़ पहले से ही निर्मित हो गया होकर इस पर ट्राफिक चल रहा है ओर इस पर कई लोगो ने अपनी दुकाने, मकान व व्यवसायिक क्षेत्र निर्मित कर लिये है ओर भूतेड़ा से रतलाम मंदसौर रोड़ तक नया अधिग्रहण किये जाने से यह सभी लोग बेरोजगार भी हो जावेगे इसलिये वर्तमान चालु टू लेन रोड़ पर ही नवीन फोर लेन रोड़ का निर्माण जमीन स्तर पर सिटी फोरलेन के रूप मे किया जाना आवश्यक है। ग्रीन फिल्ड एक्सप्रेस वे किसी भी आबादी क्षेत्र से बाहर ही बनाया जा सकता है तथा ग्रीन फिल्ड एक्सप्रेस वे हेतू बनाया गया नियम 2015 के अनुसार किसी भी मौजुदा रोड़ पर नवीन ग्रीन फिल्ड रोड नही बनाया जा सकता इसके विपरित जाकर वर्तमान मौजुद जावरा उज्जैन बायपास रोड पर ग्रीन फिल्ड एक्सप्रेस वे बनाया जाना असंगत व गलत है। किसानों ने तत्काल इस मामले में एसडीएम से हस्तक्षेप करने और उनकी माग को वरिष्ठ लोगो तक पहुंचाने की मांग की हैं।



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