– केदारनाथ, मल्लिकार्जुन और महाकाल बस्ती में स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन, सामाजिक समरसता, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र सेवा पर दिया जोर
जावरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में जावरा की केदारनाथ, मल्लिकार्जुन एवं महाकाल बस्ती में पथ संचलन एवं बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। तीनों बस्तियों में आयोजित कार्यक्रमों में संघ के पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ स्वयंसेवकों ने मंचासीन होकर मार्गदर्शन दिया। बौद्धिक सत्रों में संघ के पंच परिवर्तन, सामाजिक समरसता, पारिवारिक संस्कार, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्यों के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को राष्ट्रहित, देशभक्ति और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
केदारनाथ बस्ती में मठ मंदिर से निकला पथ संचलन –
केदारनाथ बस्ती का कार्यक्रम मठ मंदिर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला प्रचारक मानस जी, समाज प्रमुख वर्दीचंद सोनगरा एवं नगर कार्यवाह आकाश भावसार मंचासीन रहे। बौद्धिक उद्बोधन जिला प्रचारक मानस जी ने दिया। पथ संचलन मठ मंदिर से प्रारंभ होकर जेल रोड, रतलामी गेट, नीम चौक, कमलीपुरा एवं मालीपुरा सहित विभिन्न मार्गों से होता हुआ पुन: मठ मंदिर पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ।
मल्लिकार्जुन बस्ती में त्रिमूर्ति स्कूल मैदान पर हुआ आयोजन –
मल्लिकार्जुन बस्ती का कार्यक्रम साईधाम कॉलोनी स्थित त्रिमूर्ति स्कूल मैदान पर संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिला संपर्क प्रमुख यश जैन एवं जिला घोष प्रमुख जगदीश डोंगरे मंचासीन रहे। बौद्धिक उद्बोधन यश जैन ने दिया। कार्यक्रम के पश्चात पथ संचलन त्रिमूर्ति स्कूल मैदान से प्रारंभ हुआ। संचलन आदित्यनगर, साईधाम कॉलोनी, कुम्हारी रोड, खारीवाल कॉलोनी एवं नाहर कॉलोनी से होकर पुन: त्रिमूर्ति स्कूल मैदान पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ।
महाकाल बस्ती में शस्त्र पूजन के साथ हुआ पथ संचलन –
महाकाल बस्ती में दुर्गा माता मंदिर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विभाग धर्म जागरण संयोजक दिनेश गुप्ता एवं बस्ती कार्यवाह निलेश जोशी मंचासीन रहे। कार्यक्रम में शस्त्र पूजन भी किया गया तथा बौद्धिक उद्बोधन दिनेश जी गुप्ता ने दिया। पथ संचलन दुर्गा माता मंदिर से प्रारंभ होकर गांधी कॉलोनी, शास्त्री कॉलोनी एवं मित्र नगर से गुजरते हुए पुन: दुर्गा माता मंदिर पहुंचा, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ।
पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव का आह्वान –
तीनों बस्तियों के बौद्धिक कार्यक्रमों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पंच परिवर्तन की अवधारणा पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। संघ के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में समाज और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए व्यक्ति, परिवार एवं सामाजिक जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया गया।
पंच परिवर्तन के अंतर्गत पांच प्रमुख विषयों को अपनाने पर जोर दिया गया।
1. कुटुंब प्रबोधन : परिवार में आपसी संवाद, प्रेम, संस्कार एवं नैतिक मूल्यों को मजबूत करना तथा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं से जोडऩा।
2. सामाजिक समरसता : समाज में जातिगत भेदभाव, ऊंच-नीच एवं छुआछूत जैसी बुराइयों को दूर कर आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना।
3. पर्यावरण संरक्षण : जल संरक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के माध्यम से पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाना।
4. स्वदेशी आचरण : स्वदेशी उत्पादों और स्थानीय संसाधनों को प्रोत्साहित करना तथा आत्मनिर्भरता के साथ देश की संस्कृति और परंपराओं के प्रति गौरव का भाव विकसित करना।
5. नागरिक कर्तव्य : संविधान एवं कानून का पालन, अनुशासन, मतदान, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा और समाज के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना।
वक्ताओं ने इन पांचों विषयों को केवल विचारों तक सीमित न रखते हुए दैनिक जीवन में व्यवहार के रूप में अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक जिम्मेदारी निभाकर ही व्यापक सामाजिक परिवर्तन लाया जा सकता है।
राष्ट्रहीत और देश सेवा के प्रति सतर्क रहने का संदेश –
बौद्धिक सत्रों में हाल ही में हुए जेन-जी (Gen Z) आंदोलन का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने समाज से देशविरोधी गतिविधियों और राष्ट्रहित के विरुद्ध काम करने वाली ताकतों के प्रति सतर्क रहने का आह्वान किया। साथ ही राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जागरूकता और देश सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में कानसिंह चौहान, अभय कोठारी, गोपाल जी सेठिया सहित समाज एवं संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक और समाजसेवी उपस्थित रहे। तीनों बस्तियों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक एकता, संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया। पंच परिवर्तन को जीवन में अपनाने तथा समाज के उत्थान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान भी किया गया।
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