– बिना कोचिंग घर पर रहकर की तैयारी, IISER में भी चयन — मेहनत, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास का शानदार परिणाम
जावरा। छोटे शहरों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं होती, जरूरत होती है तो उन्हें सही दिशा, मार्गदर्शन और अवसर देने की। जावरा की होनहार बेटी पूनम श्रीवास्तव ने 12 वीं कक्षा के साथ ही पहली कोशिश में NEET परीक्षा में सफलता हासिल कर शहर और पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। खास बात यह है कि पूनम का IISER में भी चयन हुआ है।
बिना कोचिंग घर पर रहकर की NEET की तैयारी –
पूनम की सफलता की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने किसी भी प्रकार की कोचिंग अटेंड नहीं की। उन्होंने घर पर रहकर पुस्तकों, कंप्यूटर और ऑनलाइन उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों के माध्यम से नियमित एवं अनुशासित अध्ययन किया। लगातार मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के दम पर उन्होंने पहली ही कोशिश में NEET जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त की।
वरुण श्रोत्रिय एडवोकेट मित्र मंडल ने किया सम्मान –
पूनम की उल्लेखनीय उपलब्धि पर वरुण श्रोत्रिय एडवोकेट मित्र मंडल, जावरा द्वारा उनके निवास पर पहुंचकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर सनातन सेना के प्रदेश अध्यक्ष वरुण श्रोत्रिय एडवोकेट, पत्रकार अशोक चोपड़ा, विनोद मेहता, अशोक पोरवाल सर, रिजवान पठान, राहुल उपमन्यु, संजय मेहता, सियासत खान, उमर खान, छप्पू भाई, सादिक पटेल सहित अजय श्रीवास्तव एडवोकेट एवं अनेक साथी उपस्थित रहे। अतिथियों ने पूनम को शाल, श्रीफल एवं पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को मिठाई वितरित कर पूनम की सफलता की खुशी साझा की गई।
पिता का मार्गदर्शन और बेटी की मेहनत बनी सफलता की कुंजी –
इस अवसर पर वरुण श्रोत्रिय एडवोकेट एवं अशोक चोपड़ा पत्रकार ने पूनम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल पूनम की मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें परिवार के संस्कार, पिता का सही मार्गदर्शन और बेटी द्वारा उस मार्गदर्शन को पूरी लगन से आत्मसात करने की क्षमता भी महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि अजय श्रीवास्तव एडवोकेट ने अपनी बेटी को पढ़ाई के लिए लगातार प्रोत्साहित किया, उसे सही दिशा दिखाई और उसकी प्रतिभा पर विश्वास रखा। वहीं पूनम ने भी पिता के मार्गदर्शन को गंभीरता से लेते हुए अनुशासन के साथ अध्ययन किया और अपने लक्ष्य पर पूरी तरह केंद्रित रही। यही तालमेल आज उसकी सफलता के रूप में सामने आया है।
महंगी कोचिंग नहीं, मेहनत और सही मार्गदर्शन भी सफलता की राह –
वरुण श्रोत्रिय एवं अशोक चोपड़ा ने कहा कि आज के दौर में बच्चों को केवल महंगी कोचिंग दिलाना ही सफलता का एकमात्र रास्ता नहीं है। यदि परिवार का मार्गदर्शन, विद्यार्थी की मेहनत, सही अध्ययन सामग्री और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो तो छोटे शहर में रहकर भी बड़े से बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पूनम ने अपनी सफलता से इस बात को सार्थक कर दिखाया है। बिना कोचिंग घर पर रहकर पहली ही कोशिश में NEET में सफलता और साथ ही IISER में चयन निश्चित रूप से जावरा के लिए गौरव का विषय है।
जावरा की बेटियों और विद्यार्थियों के लिए बनी प्रेरणा –
पूनम श्रीवास्तव की सफलता ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी बड़े महानगर की मोहताज नहीं होती। जावरा जैसे छोटे शहर की बेटी ने अपनी मेहनत, परिवार के मार्गदर्शन और आत्मविश्वास के बल पर राष्ट्रीय स्तर की कठिन परीक्षाओं में सफलता हासिल कर यह संदेश दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो संसाधनों की सीमाएं सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकतीं।
उज्ज्वल भविष्य के लिए दी शुभकामनाएं –
अतिथियों ने पूनम को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वह आने वाले समय में शिक्षा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में आगे बढ़कर अपने परिवार, जावरा और पूरे क्षेत्र का नाम और रोशन करेगी। पूनम की उपलब्धि निश्चित रूप से शहर की अन्य बेटियों और विद्यार्थियों के लिए भी मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास की प्रेरणा बनेगी।

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