– वीडियो वायरल होने के तीन साल बाद न्यायालय का अहम आदेश
– IPC की धारा 324, 323 और 294 के तहत संज्ञान
– आरोप—केतली से हमला और सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज।
जावरा। जावरा के बहुचर्चित वायरल मारपीट मामले में बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। न्यायालय ने तत्कालीन नायब तहसीलदार (तत्कालीन पदस्थ बड़ावदा) एवं वर्तमान में रामपुरा (नीमच) पदस्थ मुगेंद्रसिंह सिसोदिया के विरुद्ध प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार पाए जाने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 324, 323 एवं 294 के तहत संज्ञान लेने का आदेश पारित किया है।
प्रकरण के अनुसार 11 मई 2023 को ग्राम बड़ावदा स्थित बालाजी रेस्टोरेंट में कथित रूप से नायब तहसीलदार द्वारा पद एवं अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए विनोद एवं विक्रम के साथ मारपीट की गई। शिकायत में आरोप है कि चाय बनाने की गर्म केतली से सिर जैसे संवेदनशील अंग पर हमला किया गया तथा सार्वजनिक स्थान पर अभद्र एवं अपमानजनक गालियां दी गईं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था और लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा।
कोर्ट ने माना केतली से सिर पर प्रहार करना गंभीर प्रकृति –
परिवादी पक्ष का आरोप है कि वीडियो सार्वजनिक होने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद पीडि़त पक्ष ने अधिवक्ता अनिल चत्तर एवं अर्पित चत्तर जैन के माध्यम से न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया। न्यायालय ने उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों, गवाहों के कथनों एवं अन्य सामग्री का परीक्षण करने के बाद माना कि आरोपी के विरुद्ध प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार मौजूद हैं। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि सिर जैसे संवेदनशील अंग पर केतली से प्रहार गंभीर प्रकृति का कृत्य है, जिससे गंभीर चोट या मृत्यु की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने दिया संज्ञान लेने का आदेश –
न्यायालय ने इन तथ्यों के आधार पर आरोपी मुगेंद्रसिंह सिसोदिया के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 324, 323 एवं 294 के तहत संज्ञान लेने का आदेश पारित किया है। परिवादी पक्ष के अधिवक्ता अर्पित चत्तर जैन ने कहा कि न्यायालय के इस आदेश से स्पष्ट है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और पीडि़त पक्ष को निष्पक्ष न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।

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