– लंबे समय से अलग रह रहे पति पत्नि के बीच कराई सुलह, पौधे भेंट कर किया बिदा
जावरा। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रतलाम के मार्गदर्शन में शनिवार को तहसील न्यायालय जावरा में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें 257 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 664 लोगों को लाभान्वित किया गया। साथ ही 1 करोड़ 88 लाख से अधिक की राशि के अवार्ड पारित किए गए। वहीं पारिवारिक विवाद सुलझाते हुए लंबे समय से एक दूसरे अलग रह रहे एक दम्पत्ति के बीच सुलह करवाते हुए उन्है पौधे भेंटकर सम्मान के साथ बिदा किया।
शनिवार को जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति, जावरा जंगबहादुरसिंह राजपूत, द्वितीय जिला न्यायाधीश परमानन्द चौहान, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड एन.एस. ताहेड, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड अरूणसिह अलावा, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड ऋचा द्विवेदी भुजंग, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड अंकित भुजंग, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड दीपक कनेरिया, पंचम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड जावरा नेहासिंह परिहार, षष्ठम न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड जावरा शिवानी राठौर एवं समस्त अधिकारीगण एवं न्यायालय कर्मचारीगण की उपस्थिति में दीप प्रज्जलित कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। शुभारंभ के दौरान बैंक स्टॉफ, एम.पी.ई.बी स्टॉफ, नगर पालिका स्टॉफ, खण्डपीठ सदस्यगणों के साथ न्यायालयीन स्टॉफ के देवेन्द्र रामावत, किशोर कन्नौदिया, धर्मेन्द्र यादव, मनोज ओहारी, नायब नाजिर चन्द्रपाल माहौर, मयंक मेहरा, श्याम बैरागी, अनुज शर्मा, अमित वर्मा नायब नाजिर, मनीष नरोटे, रेखा सोलंकी, नेहा भार्गव, इमदाद खांन, गोविन्द भार्गव, नेहा अहिरवार, राजेन्द्र जैन, पर्वत यादव, शैलेन्द्र वर्मा, जाहिदा कुरैशी, कैलाश मिश्रा, राजकुमार, प्रकाश सुर्यवंशी, केवल दावरे आदि के साथ अभिभाषक गण उपस्थित रहे।
09 खण्डपीठों में हुआ आपसी समझौतों पर निराकरण –
लोक अदालत में न्यायालय में लंबित क्लेम प्रकरण एस. सी.एन.आई.ए चैक संबंधी प्रकरण 30, सिविल प्रकरण 42, विद्युत अधिनियम प्रकरण 62, आपराधिक प्रकरण 100, हिन्दू विवाह अधिनियम प्रकरण का 05 राजीनामा प्रकरण का निराकरण हुआ। नेशनल लोक अदालत में राशि 1,88,92,399/- रूपये की राशि सहित 257 प्रकरणों का निराकरण कर 664 को लाभांवित एवं बैंक, बीमा कंपनी, विद्युत अधिनियम, नगर पालिका के जलकर व संपत्तिकर के प्री-लिटिगेशन प्रकरण (वादपूर्व) कुल 82 प्रकरण का निराकरण कर राशि 15,52,622 रूपये की राशि की वसूली की गयी।
समझाईश के बाद साथ रहने पर राशि हुए पती पत्नि –
नेशनल लोक अदालत की खण्डपीठ कमांक 26 में रखे गये प्रकरणों में 01 प्रकरण जिसमें कीर्ति पिता किशोर कुमार कल्याणे आयु 27 वर्ष निवासी महिंदपुर गेट हरिजन बस्ती जावरा का विवाह अनिता पति कीर्ति कल्याणे आयु 25 वर्ष निवासी सुभाष नगर रतलाम के साथ 14.12.2023 को हुआ था। विवाह के पश्चात आवेदक पति द्वारा अपने कर्तव्यों का पालन करते हुये अनावेदिका अनिता के साथ दामपत्य जीवन का निर्वाह कर रहा था। अनावेदिका पत्नि अपने कर्तव्यों का पालन न करते हुयें आय दिन पति व परिवारजन के साथ वाद-विवाद करने लगती थी। आवेदक की पत्नि अनिता अपने परिवारजन के बहकावे में आकर अपने पति का घर छोड़कर अपने मायके चली गयी। दोनों तरफ के परिवार वालों व रिश्तेदारों के बार-बार समझाने के बाद भी वाद-विवाद कम नहीं हुआ और वापस अपने पति के साथ ससुराल में रहने से मना कर दिया। जिस कारण आवेदक पति अकारण अपने पत्नि सुख से वंचित व उसके माता-पिता बृद्ध होकर उनकी देखरेख नहीं कर पा रहा था। जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान व व्यथित रहने लगा।
उक्त परिस्थितियों से व्यथित होकर आवेदक पति ने न्यायालय में हिन्दु विवाह अधिनियम अंतर्गत दामपत्य जीवन की पुर्नस्थापना हेतु न्यायालय में प्रकरण पेश किया। न्यायालय ने पति-पत्नि को विवाद के निपटारे के लिए बार-बार समझाया और उनके परिवार जनो को भी विवाद को खत्म करने को कहा और पति-पत्नि के मध्य उत्पन्न विवाद की समस्या को छोड़कर, विवाद को खत्म करने और साथ में रहने की सलाह दी। दिनांक 13 सितम्बर 2025 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में दोनों पक्ष के मध्य द्वितीय जिला न्यायाधीश परमानन्द चौहान के द्वारा दोनों को समझाकर आपसी सहमति से राजीनामा करवाया, न्यायालय द्वारा पति-पत्निं को पौधे प्रदान किये गये और पति-पत्नि खुशी-खुशी घर भेजा।
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