– बच्चों ने निभाई पक्ष और विपक्ष की भूमिका, विभिन्न मुद्दों पर हुई बहस
जावरा। संविधान दिवस के अवसर पर जावरा पब्लिक स्कूल में सोमवार को अत्यंत भव्य, अनुशासित और ज्ञानवर्धक मॉक पार्लियामेंट सत्र का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय लोकतंत्र, संसदीय प्रक्रिया, संविधान की मूल भावना तथा राष्ट्रीय नीति-निर्माण की प्रक्रिया से अवगत कराना था। विद्यालय परिसर छात्रों की जोशीली बहसों, प्रभावी प्रस्तुति और संसदीय वातावरण से सजीव संसद जैसा प्रतीत हो रहा था।
2025-26 का बजट प्रस्तुतीकरण बना कार्यक्रम का केंद्रबिंदु –
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने वित्त वर्ष 2025-26 का पूर्ण बजट वास्तविक संसद की शैली में प्रस्तुत किया। विभिन्न मंत्रालयों की भूमिका निभाते हुए छात्रों ने अपने विभागों के लिए निर्धारित बजट का स्पष्ट, तर्कपूर्ण और तथ्यात्मक विश्लेषण पेश किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार यह बजट— जनकल्याण, शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य सुविधाओं, तकनीकी विकास, खेल प्रोत्साहन, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समृद्धि के उद्देश्यों को पूरा करेगा। वहीं विपक्ष बने विद्यार्थियों ने भी गंभीरता और तैयारी के साथ बजट के प्रत्येक पहलू पर प्रश्न उठाए। उनके सवालों और तर्कों ने दर्शाया कि छात्रों ने शासन प्रणाली, बहस की संस्कृति और जनता के प्रति जवाबदेही की गहरी समझ विकसित की है। सरकार और विपक्ष के बीच हुआ यह संवाद इस आयोजन की सबसे प्रभावशाली विशेषता रहा।
आज के विद्यार्थी कल के नीति निर्माता –
संस्थान संचालक एवं मुख्य अतिथि विनोद मूणत ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन को अत्यंत उत्कृष्ट बताते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी कल के नीति-निर्माता हैं। मॉक पार्लियामेंट जैसी गतिविधियाँ बच्चों में निर्णय क्षमता, नेतृत्व कौशल और राष्ट्रहित में सोचने की दृष्टि को मजबूत करती हैं। संविधान दिवस पर ऐसा आयोजन लोकतांत्रिक मूल्यों को जीवंत कर देता हैं।
वास्तविक जीवन में लोकतांत्रित मूल्य अपनाने की सलाह –
प्राचार्य डॉ पियूष मूणत ने कहा कि यह मॉक पार्लियामेंट भारतीय लोकतंत्र की आत्मा—संवाद और जनभागीदारी—का उत्कृष्ट उदाहरण है। आज छात्रों ने जिस आत्मविश्वास, गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ संसद जैसी कार्यवाही प्रस्तुत की, वह विद्यालय के लिए गौरव की बात है। उन्होंने छात्रों को वास्तविक जीवन में भी लोकतांत्रिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
पुरस्कार वितरण एवं सम्मान –
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को भागीदारी प्रमाण-पत्र एवं मेडल प्रदान किए गए। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार ऐसे सम्मान बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं। विद्यालय प्रबंधन की नीति—शिक्षा, संस्कार और नेतृत्व निर्माण के साथ शिक्षा, संस्कार और सेवा के सिद्धांतों पर कार्य करता है। विद्यालय का मानना है कि मॉक पार्लियामेंट जैसी गतिविधियाँ छात्रों में सामाजिक जिम्मेदारी, लोकतांत्रिक सोच, नेतृत्व क्षमता, एवं विश्लेषणात्मक दृष्टि का मजबूत आधार तैयार करती हैं और उन्हें एक जागरूक, कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बनाती हैं।
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