– गुरुवार दोपहर तक का दिया था लायसेंस दिखाने का समय, नहीं मिला तो कलेक्टर को तहसीलदार नेे भेजा प्रतिवेदन
– फोरलेन स्थित गौदाम पर पुलिस और राजस्व अमले ने की कार्रवाई, अन्य गोदाम पर बाकी
– महावीर रस्सी फर्म की आड़ में बेच रहे थे पटाखे, जीएसटी चोरी का भी अंदेशा .. ?
– बगैर लायसेंस के दशहरा उत्सव समिति के आर्डर पर इकबाल गंज मैदान पर भी की थी आतिशबाजी
जावरा। रतलाम जिले की सबसे बड़ी तहसील जावरा के सबसे बड़े पटाखा व्यापारी या यू कहें की पटाखा किंग महावीर रस्सी भंडारा के संचालक कैलाश बारोड़ पर बगैर लायसेंस के पटाखे बेचने और अवैध भंडारण को लेकर पुलिस और राजस्व अमले ने कार्रवाई की हैं। अमले ने बुधवार को बारोड़ के फोरलेन स्थित गौदाम पर पहुंचकर कार्रवाई की थी। जहां अवैध भंडारण की गई करीब 45 से अधिक पटाखों की पेटिया जब्त कर गौदाम को सिल किया गया। अधिकारियों ने जब बारोड़ से लायसेंस मांगा को उन्होने रतलाम कलेक्टर कार्यालय में लायसेंस होने की बात कहीं। जिस पर अधिकारियों ने गुरुवार को दोपहर तक लायसेंस दिखाने का समय दिया था। लेकिन जब गुरुवार को भी बारोड़ लायसेंस नहीं दिखा पाए तो अमले ने कार्रवाई की, तहसीलदार ने बगैर लायसेंस पटाखे विक्रय करने और अवैध भंडारण करने संबंधी प्रतिवेदन जिला कलेक्टर को आगामी कार्रवाई के लिए भेजा हैं।
एक गौदाम पर कार्रवाई, अन्य बाकी –
पुलिस और राजस्व अमले ने अब तक केवल बारोड़ के एक ही गौदाम पर कार्रवाई की हैं, जबकि सूत्रों की माने तो बारोड़ के एक से अधिक स्थानों पर गोदाम बने हैं, जिनमें भी अवैध पटाखों का भंडारण किया गया हैं। लेकिन पुलिस और राजस्व अमला अब तक इनके अन्य गौदामों तक नहीं पहुंचा हैं।
कहीं जीएसटी चोरी तो नहीं हो रही –
फोरलेन स्थित गौदाम पर जो पटाखे के पेटिया जब्त की गई हैं, उन सभी पर महावीर रस्सी भंडार नाम लिखा हैं। ऐसे में अब यह सवाल भी उठ रहा हैं कि महावीर रस्सी भंडार की आड़ में विस्फोटक पटाखों की बिक्री की जा रही हैं। वहीं सूत्रों के माने तो बारोड़ के पूत्र तथा पटाखा एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष के नाम पर तथा इनके कर्मचारियों के नाम पर लायसेंस हैं, लेकिन अधिकांश पटाखों का व्यापार महावीर रस्सी के नाम से होता हैं। ऐसे में कहीं ये सारा जुगाड़ जीएसटी चोरी करने की मंशा तो नहीं किया जा रहा हैं।
बिना लायसेंस के दशहरा मैदान में की आतिशबाजी –
हाल ही में शहर के इकबाल गंज मैला मैदान पर दशहरा पर्व के अवसर पर दशहरा उत्सव समिति द्वारा आतिशबाजी का ठेका बारोड़ को ही दिया गया था। लेकिन ठेका देने से पहले क्या समिति ने लायसेंस की जांच नहीं की थी। यदि लायसेंस नहीं था उसके बाद भी पटाखे मंगवाकर आम जनता और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजुदगी में जमकर आतिशबाजी की गई। इतना ही नहीं मैदान पर सरे आम माईक के माध्यम से आतिशबाजी इनके द्वारा की जा रही हैं, यह भी घोषित किया गया। जब अधिकारियों से इस विषय पर चर्चा की गई तो उन्होने इसे जांच का विषय बताया।
2018 से नहीं हैं लायसेंस, फिर भी पटाखा मार्केट में रंगदारी –
पटाखा एसोसिएशन के संरक्षक के रुप में पदस्थ बारोड़ की जावरा के पटाखा एसोसिएशन और मार्केट में पूरी रंगदारी हैं, प्रशासनिक सूत्रों की माने तो इनके नाम का लायसेंस 2018 से नहीं हैं, बावजूद इसके बगैर लायसेंस के जावरा के पटाखा मार्केट में दुकान लगाते हैं और थोक के साथ ही रिटेल में पटाखे विक्रय करते हैं। लेकिन इन पर अब तक किसी भी अधिकारी ने कार्रवाई नहीं की हैं।

