जावरा। नेतृत्व चाहे परिवार को हो या समाज का हो या संगठन या संस्था का हो जितना जुझारू कर्मठ कठोर और होता है उतना ही परिवार समाज, संस्था, संगठन और देश का भविष्य उज्जवल होता है द्य नेतृत्व की क्षमता का निर्माण संपत्ति नहीं कर सकती हैं प्रशिक्षण से उसका विकास संभव हैं। नेतृत्व नींव के पत्थर की भांति स्वयं के मान सम्मान अपमान की परवाह ना करते हुए जिसका लक्ष्य ऊंचाइयों के शिखर पर पहुंचना है, एक सफल नेतृत्व अमरबेल की भांति होता है जो अपने पोषण और स्वार्थ पूर्ति के लिए भलाई को कुचलने में भी शर्म में महसूस नहीं करता वह इंसान धार्मिक कहलाने लायक भी नहीं हैं।
उक्त विचार अष्टापद तीर्थ प्रेरिका जिनशिशु प्रज्ञा श्रीजी म.सा. ने जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मैत्री द्वारा आयोजित 11 दिवसीय जीवन परिवर्तन शिविर के समापन के दोरान अंबीका रिसोर्ट पर कहें। जेएसजी जावरा मैत्री के पूर्व अध्यक्ष संदीप रांका एवं प्रचार सचिव मनीष मेहता ने बताया कि साध्वी जी के सानिध्य में 11 दिवसीय शिविर का सफल आयोजन 4 जुन से 15 जुन तक प्रात: 7 से 9 बजे तक जैन मन्दिर पीपली बाजार स्थित खरतरगच्छ श्री उपाश्रय पर प्रतिदिन किया गया था। जिसमें 175 साधकों ने शिविर का लाभ लिया है। 14 जुन को साध्वी जी म. सा.द्वारा 11 दिवस तक अलग अलग विषय पर जीवन जीने की कला सिखाई उसी विषयो पर सभी साधको की धार्मिक परीक्षा भी ली गई
धर्म की राह पर चलने साधु भगवंतों का मार्गदर्शन अनिवार्य –
समापन कार्यक्रम के अतिथि खरतरगच्छ श्री संघ के अध्यक्ष एवं भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रदीप चौधरी ने कहा कि जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मैत्री जावरा नगर की एक मात्र एसी संस्था है कि प्रतिवर्ष इस प्रकार का आयोजन कर जैन समाज के बच्चों, नवयुवकों, बालीकाओ एवं दंपति को धर्म की राह पर चलने के लिए साधु साध्वी जी के मार्गदर्शन में आयोजन करते हैं। यह मैत्री परिवार के सफल सामुहिक नेतृत्व से संभव हैं। त्रिस्तुतिक श्रीसंघ जयंतसेन सूरी अनुयाई के अध्यक्ष अजीत चतर ने कहा कि सशक्त नेतृत्व अदम्य साहस से निष्काम कार्य करता है सफलता उसके चरण चूमती है द्य आज निश्चित रूप से जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मैत्री परिवार जो कार्य नगर के प्रति समाज के प्रति कर रहीं हैं। वह वंदनीय है संस्था के सभी साथी बधाई के पात्र हैं। इस मौके पर राजेंद्र महिला परिषद की प्रदेश अध्यक्ष सारिका धर्मेन्द्र कोलन एवं समाजसेवी श्रीमती विजया प्रकाश चत्तर ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
नाटक के माध्यम से दी बच्चों ने प्रस्तुति –
11 दिवसीय शिविर के साधकों द्वारा भी शिविर के संस्मरण भावुकता के साथ साध्वी जी एवं उपस्थित जनसमुदाय के समक्ष कहें एवं नाटक के माध्यम से बच्चों द्वारा प्रस्तुति दी गई, साथ ही धार्मिक परीक्षा में बच्चों के वर्ग से प्रथम द्वितीय एवं कपल में भी प्रथम द्वितीय अंको के आधार पर विजेता रहे हैं। धार्मिक परीक्षा में पुरुस्कार के लाभार्थी संतोषकुमार राहुलकुमार छाजेंड परिवार व समाजगौरव स्व. कन्हैयालाल जी धारीवाल व स्व. सरदारमल जी धारीवाल की स्मृति में धारीवाल परिवार रहें। इस अवसर पर जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मैत्री अध्यक्ष राजेश पोखरना ने कहाँ की इस तरह के धार्मिक ज्ञान शिविर आयोजन हम ग्रुप के माध्यम से प्रतिवर्ष करेंगे, स्वागत भाषण ग्रुप के संस्थापक अध्यक्ष अनिल धारीवाल ने दिया। कार्यक्रम में जेएसजी जावरा मैत्री के गुरु संदीप रांका, आशीष पोखरना, राजीव लुक्कड़,संदीप दसेड़ा, दीपक मेहता, अर्पल कोचट्टा, विपिन चोरडिया, शैलेष श्रीश्रीमाल, विपुल दख, गौरव डोसी, अभिषेक ओरा, राजेश हिंगड़, आशीष चत्तर, मनीष पोखरना, मनीष धारीवाल, पंकज जैन, आशीष जैन, शरद डूंगरवाल, संतोष कोचट्टा, सौरभ कांठेड, पराग कोचट्टा, पियूष कांठेड, पराग धारीवाल, संजय भटेवरा, नितिन भण्डारी, यश मेहता, चिंतन टुकडिय़ा, पुखराज संचेती, अतुल कोचर, पुखराज सुराणा, गौरव सेठिया, आशीष सुराणा,विजय पटवा, सावन सेठिया उपस्थित रहे। संचालन पूर्वा रुनवाल ने किया। आभार ग्रुप सचिव शशांक मेहता ने माना।


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