जावरा। सुख और समृद्धि का पर्व लोहड़ी शहर में हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया। सिंधी और पंजाबी गुरुद्वारों के साथ ही शहर के जवाहर नगर में भी लोहड़ी पर्व मनाया गया। जवाहर नगर निवासी जगदीश सुखनानी एवं उनके परिवार द्वारा बीते लगभग तीन दशकों से लगातार अपने घर के बाहर मनाया जा रहा लोहड़ी पर्व इस वर्ष भी श्रद्धा, उल्लास और सामूहिक सहभागिता के साथ मनाया गया। यह आयोजन अब केवल एक परिवार तक सीमित न रहकर, आसपास की रहवासियों और कॉलोनीवासियों का भ्ीा पर्व बन गया हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी परंपरागत विधि से अग्नि प्रज्ज्वलित कर उसके फेरे लिए गए, जिसमें जवाहर नगर के साथ-साथ रिद्धि-सिद्धि कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी सहित आसपास के समाजजन बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने अग्नि को साक्षी मानकर समृद्धि, सुख-शांति और पारिवारिक एकता की कामना की। लोहड़ी की अग्नि में तिल, मूंगफली, रेवड़ी, पॉपकॉर्न आदि अर्पित कर कृषि, प्रकृति और जीवन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। सिंधी समाज की इस प्राचीन परंपरा के अनुसार, यह पर्व नई फसल, नई ऊर्जा और नए जीवन चक्र के स्वागत का प्रतीक माना जाता है।
इनकी रही उपस्थिति –
इस अवसर पर वरिष्ठ खानचंद सुखनानी, पप्पू तिवारी, श्याम मनवानी, कमल सुखनानी, चिराग सुखनानी, करण सुखनानी, मुकेश सुखनानी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। सभी ने एक-दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं देते हुए आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। कार्यक्रम का वातावरण लोकगीतों, पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक सौहार्द से सराबोर रहा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग ने इस आयोजन में भाग लेकर यह सिद्ध किया कि परंपराएं जब पीढ़ी दर पीढ़ी निभाई जाती हैं, तब वे समाज की आत्मा बन जाती हैं। जगदीश सुखनानी परिवार द्वारा वर्षों से निभाई जा रही यह परंपरा जावरा में अपनी अलग पहचान बना चुकी है, जो आने वाली पीढिय़ों को अपनी जड़ों से जोड़े रखने का सशक्त माध्यम बन रही है।
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