– कांग्रेस प्रत्याशी ने कलेक्टर से मतदान से वंचित कर्मचारियों को मतगणना से पूर्व मतदान के अधिकारी दिए जाने की मांग की
– 10 नवंबर के आदेश के बाद भी 14 नवंबर को लगाई ड्यूटी
जावरा। मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार अपनी हार के भय से जानबूझकर कर्मचारी साथियों को वोट के संवैधानिक अधिकार से वंचित कर रही है तथा ऐसा करके उनके लोकतांत्रिक हक को मारने का काम किया जा रहा है। जावरा विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने यह आरोप लगाते हुए कलेक्टर रतलाम से मतदान से वंचित किए गए समस्त अतिथि शिक्षकों सहित अन्य कर्मचारी को मतगणना के पूर्व तक मतदान का अधिकार सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।
सोलंकी में रिटर्निंग ऑफिसर जावरा सहित कलेक्टर और भारत निर्वाचन आयोग को पत्र सौंपे है जिसमें बताया कि भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के पत्र क्रमांक 464/म. प्र. वि. स./2023 दिनांक 10 नवंबर 2023 द्वारा मध्य प्रदेश विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2023 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं अतिथि शिक्षकों को विशेष पुलिस अधिकारी के रूप में नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की गई थी। जबकि जिला दंडाधिकारी रतलाम को 10 नवंबर 2023 को ही प्राप्त हो चुका था अतएव संभावित ड्यूटी लगाई जाने वाले कर्मचारियों को तत्काल पोस्टल बैलेट इशू किए जा सकते थे, परंतु पत्र प्राप्ति के चार दिवस पश्चात दिनांक 14 नवंबर 2023 को उक्त कर्मचारीयो की ड्यूटी लगाने हेतु पुलिस अधीक्षक रतलाम को सेवाएं सौंपी गई तथा पुलिस अधीक्षक रतलाम द्वारा 15 एवं 16 नवंबर को उक्त कर्मचारीयो की अर्जेंट ड्यूटी निर्वाचन दिनांक 17 नवंबर को लगाए जाने से यह समस्त अतिथि शिक्षक एवं अन्य कर्मचारी अपने मतदान के अधिकार से वंचित हो गए।
सरकार के प्रति नाराजगी के रवैये को देखते नहीं करने दिया मतदान –
उक्त कर्मचारियों ने लगातार निर्वाचन कार्य में लगे अधिकारियों से संपर्क कर अपने मतदान कराए जाने की मांग की परंतु उनकी बात को अनसुना कर दिया गया। सोलंकी ने आरोप लगाया कि जानबूझकर कर्मचारियों के सरकार के प्रति नाराजगी के रवैए को देखते हुए उनके मताधिकार से वंचित किया गया हैं, भारत निर्वाचन आयोग को वोट गंभीर विषय को तत्काल संज्ञान में लेकर अभी भी मत करना के पूर्व समस्त मतदान से वंचित कर्मचारियों को डांट मत पत्र से अथवा किसी ने माध्यम से मतदान की व्यवस्था सुनिश्चित करना चाहिए इस आशय का ज्ञापन रिटर्निंग ऑफिसर जावरा श्री अनिल भाना को कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में सोपा गया।


