– राष्ट्रपति, विधायक और कलेक्टर को भेजा पत्र
जावरा। शुगर परिसर में बीते 50 सालों से निवास कर रहे 16 श्रमिकों को 07 दिनों में भवन खाली करने के नोटिस देकर उन्है बेघर कर मकानों पर बुलडोजर चलाने से पहले श्रमिकों ने इच्छा मृत्यु की अनुमति देश के राष्ट्रपति से मांगी है, इसको लेकर श्रमिकों ने राष्ट्रपति के साथ विधायक, सांसद, कलेक्टर को भी पत्र भेजा है।
पत्र में श्रमिकों ने लिखा है कि सभी प्रार्थी गरीबी रेखा के अंतर्गत आते हैं और सभी परिवार के पास राशन कार्ड, आधार कार्ड एवं समय आहेत मौजूद है। हम लोगों को जावरा शुगर मिल के पूर्व मालिक बंकटलाल तोदी द्वारा आवास उपलब्ध कराए है। जिनका किराया शुगर मिल के लेखा शाखा के रिकॉर्ड एवं हमारे पास रसीदे उपलब्ध है। पूर्व उद्योगपतियों की नीतियों के कारण जावरा शुगर मिल बंद हुआ एवं तत्पश्चात जावरा शुगर मिल का मध्य प्रदेश शासन ने अधिग्रहण किया लेकिन पूर्व काग्रेस सरकार की नीतियों के कारण जावरा शुगर मिल हमेशा के लिए बद हुआ और हम लोग बेरोजगार हुए । शुगर मिल बद होने में हम श्रमिको का दोष क्या है ।
अन्यत्र भुखण्ड प्रदान करने की मांग –
श्रमिकों ने बताया कि शुगर मिल जावरा में लगभग पिछले 50 वर्षों से श्रमिक क्वाटर्स में जैसे तैसे निवास कर रहे हैं हमारी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है कि हम मंहेग प्लाट खरीदकर मकान बना सकें। हमारे पास अन्य कहीं भी कोई आवास या भूखंड नहीं है। उक्त शुगर मिल परिसर में बने श्रमिक क्वार्टर्स से हम लोगों को अवैधानिक तरीके से हटाया जा रहा है। मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (उपक्रम मध्य प्रदेश शासन) दवारा दिनाक 10 जनवरी 24 को हमारे श्रमिक क्वार्टर्स पर सूचना पत्र जबरन चश्मा कर गए जिसमें उल्लेख है कि एक सप्ताह में सभी लोग क्वार्टर खाली कर दे अन्यथा एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया जाएगा। श्रमिकों ने मध्य प्रदेश शासन एवं अन्य जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित अधिकारियों आवेदन देते हुए माग की है कि हमें छोटे आकार में प्लॉट/ आवास उपलब्ध करा दें, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी मानसिक पीड़ा देते हुए आवासहीन करके दर- दर की ठोकर हम हेतु उतारू हो गए है और हम सभी गरीब श्रमिकों की मजबूरी को कोई सुनने को तैयार नहीं है। इसलिए महामहिम राष्ट्रपति महोदय से इस मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाए अन्यथा हम सभी को सामूहिक रूप से इच्छा मृत्यु की अनुमति प्रदान करें।
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