- संजीवनी फाउंडेशन के बैनर तले जावरा के 13 लोगों ने किया देहदान
- दैहदान करने वाले दानियों को फाउंडेशन सदस्यों ने किया सम्मान
जावरा। मेडिकल कॉलेज स्टूडेंट को मानव संरचना समझने और प्रैक्टिकल के लिए जरूरी देह की पूर्ति के लिए वैसे तो देहदान करने वालों की कमी नहीं है। ऐसा पहली बार हुआ कि संजीवनी फाउंडेशन की पहल पर शहर के 13 लोगों ने एक ही दिन में एक साथ देहदान करने का संकल्प लेकर फॉर्म भरा है और जावरा का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज कर दिया। करीब 5 साल पहले तक लोग अंगदान करने से कतराते थे, लेकिन अब स्वेच्छा से आंखों के कार्निया सहित अंगदान कर परोपकार कर रहे है। जावरा देहदान में भी नए आयाम रच रहा है। रविवार को सेमिनार में फाउंडेशन ने देहदान का संकल्प कर रतलाम चिकित्सालय में फॉर्म जमा कर देने वाले महादानियों का सम्मान किया गया।
संजीवनी फाउंडेशन ट्रस्ट जावरा ने परोपकारी कार्य अंग एवं देहदान के सामाजिक जनचेतना के अंतर्गत बीएलएम पैलेस खाचरोद रोड पर आयोजित कर अथितियों द्वारा भारत माता की तस्वीर पर दीप प्रवज्जल कर माल्यार्पण कर कार्यशाला का आरंभ किया। संजीवनी मित्रो ने अथितियो का स्वागत मालाओं से किया। फाउंडेशन संस्थापक यश जैन एडवोकेट ने बताया, समाज में भ्रम और गलत जानकारी के अभाव को इस कार्यशाला के माध्यम से जन जागरण का प्रयास निश्चित ही आने वाले समय में कारगर सिद्ध होगा और भविष्य में नव पीढ़ी के चिकित्सकों को तैयार करने में एवम कई जीवन को फिर से सार्थकता देने में समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

लाइव डोनेशन भी बढ़ रहा है –
मुस्कान ग्रुप के ऑर्गन डोनेशन को-ऑर्डिनेटर संदीपन आर्य ने शरीर के अंगों और उनके ट्रांसप्लांट के बारे में बताया कहां 5 साल पहले सिर्फ आर्गन डोनेट होते थे और देहदान के लिए लोग आगे नहीं आते थे अब लाइव डोनेशन बड़ा है सेमिनार के अतिथि गोविंद काकाणी ने बताया मेडिकल कॉलेज रतलाम में अभी 180 स्टूडेंट है ऐसे में जितने अधिक देहदान होंगे उतने ज्यादा अच्छे से स्टूडेंट को ज्ञान अर्जित होगा और वे ज्यादा प्रैक्टिस कर सकेंगे 10 से 15 स्टूडेंट पर एक बॉडी की जरूरत रहती है। अतिथि संघ के विभाग प्रचारक विजेंद्र गोठ ने समाज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को निभाने के ऊपर अपना विचार व्यक्त करें साथ ही बडऩगर समिति डॉक्टर गोरधन ददरवाल रहे जिन्होंने नेत्र दान के लिए जावरा शहर में 24 घंटे अपने सेवा देने का संकल्प मंच से लेकर लोगो में ऊर्जा का संचार किया।
इन देहदानियों का किया सम्मान –
संजीवनी फाउडेशन के बैनर तले जावरा की सुशीलादेवी पटवा, कुशल पटवा सुभाष धारीवाल, सुमन धारीवाल, धर्मेंद्र सोनी, ललिता सोनी, विमला व्यास, शंकरलाल चावला, केवलराम सांखला, विजय औरा एडवोकेट, मलय नाहर, प्रियंका नाहर ने देहदान करने का संकल्प लिया। जिस पर संस्था द्वारा सभी देहदानियों का शाल श्रीफल और प्रशस्ति पत्र से सम्मान किया। इस दौरान राजेश चोरडिय़ा, नितेश धनोतिया, विपिन बरैया, मनोज जैन, सतीश सेठिया, वैभव रांका, अमित रूनवाल, पुरु पोखरना, आशीष माहेश्वरी, शीतल चौरडिया, आशीष पोखरना, सुनील तिवारी, वैभव चोपड़ा, प्रदीप श्रीवास्तव, संजय चौरडिय़ा, सुनील पोखरना, आशीष सकलेचा, वीरेंद्र सिसोदिया, मोनू छाजेड़, दीपक साधु, वैभव चपड़ोद, अनिल चतवानी आदि मौजूद थे। संचालन डॉ विद्या तिवारी ने किया। आभार अर्पित चत्तर ने माना

