– विधायक डॉ पांडेय ने सदन में उठाए विभिन्न विभागों के मामले
भोपाल/जावरा। अमानक स्तर के बीज व उवर्रक के मामले में सरकार गंभीर है। अनियमितता करने वालो के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर रही है। विगत 5 वर्षों में ऐसे अनियमित संस्थाओ के 36 संस्थाओ के लाइसेंस निरस्त किये गए है।
उक्त जानकारी प्रदेश के कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने जावरा विधायक डॉ राजेन्द्र पांडेय के प्रश्न के जवाब में दी। डॉ पांडेय ने क्षेत्र के विभिन्न मामले उठाये है। विधायक डॉ पांडेय के प्रश्न के जवाब में कृषि मंत्री कंषाना ने बताया कि रतलाम जिले कृषि बीज के 555 एवं उवर्रक के 742 संस्थाओ व फर्मो ने लायसेंस लिए है। विगत 5 वर्षो में निरंतर किसानों की शिकायत पर अमानक स्तर के बीज की 262 शिकायते दर्ज की गई। जिसमे कड़ी कार्यवाही करते हुए 17 संस्थाओ के लाइसेंस निरस्त किये गए है, जबकि अमानक स्तर के उवर्रक के 186 मामले दर्ज किए जाकर 19 लायसेंस निरस्त किये गए है।
आर्थिक अनियमितताओं में दो समितियों पर दर्ज हुई एफआईआर –
विधायक डॉ पांडेय के एक अन्य प्रश्न पर सहकारिता मंत्री विश्वास सारँग ने बताया कि रतलाम जिले में कुल 779 सहकारी समितियां है। जिनमे से 423 कृषि सहकारी, 236 दुग्ध सहकारी एव 120 अन्य सहकारी समितियां कार्यरत हंै। सहकारी समितियों में आर्थिक अनियमितताओं के दो गंभीर मामलों में प्रकरण दर्ज कराया गया हैं। वही 14 संस्थाओ में आंतरिक विशेष अंकेक्षण कराया जा रहा हंै। सहकारी समितियों को सशक्त बनाने के लिए भी प्रयास किये जा रहे है।
5 सालों में 3 श्रमिकों की हुई मौत –
जावरा विधायक डॉ पांडेय ने रतलाम जिले में श्रम विभाग के निरीक्षण संबंधी प्रश्न के जवाब में श्रम मंत्री प्रह्लाद पटेल ने बताया कि विभाग के अंतर्गत 137 छोटे उद्योगों को पंजीकृत किया गया है। विगत 5 वर्षों में कारखानों व उद्योगों में 6 स्थानों पर दुर्घटनाए घटित हुई। इनमे 3 श्रमिको की मृत्यु हुई तथा 5 श्रमिक घायल हुए है। इसके अलावा भुगतान नहीं किए जाने के संबंध में 226 शिकायत के प्राप्त हुई जिनका निराकरण किया गया
तीन उद्योग इकाईया वर्तमान में पड़ी हैं बंद –
विधायक डॉ पांडेय ने जावरा विधानसभा क्षेत्र में औद्योगिक स्थिति को लेकर किए प्रश्न पर सूक्ष्म, लघु उद्योग मंत्री चेतन कश्यप में जानकारी देते हुए बताया कि जावरा तहसील अंतर्गत 33.617 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र जावरा विकासाधिन है। जिसमें से 4974 वर्ग मीटर भूमि नवीन 9 औद्योगिक इकाइयों को आवंटित की गई है, जिसमे दो इकाइयों द्वारा भूखंड परिवर्तन के लिए आवेदन भी किया गया है। वर्तमान में जावरा में तीन स्थानों पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया हंै। इनमें लगभग 40 उद्योग स्थापित है, इनमें तीन उद्योग इकाइयां बंद हैं। तीन औद्योगिक क्षेत्र में विभिन्न मूलभूत कार्यों के लिए 4 करोड़ 76 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है । जिसके माध्यम से औद्योगिक क्षेत्र में सीसी रोड, पाईप लाइन व नाली का निर्माण किया गया।
2 आंगनवाड़ी भवन जर्जर व क्षतिग्रस्त –
विधायक डॉ पांडेय के एक अन्य प्रश्न पर महिला व बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि जावरा विधानसभा क्षेत्र में 203 आंगनवाडी केन्द्र भवनविहीन हैं। जिनमे से 2 भवन जर्जर व क्षतिग्रस्त है। जावरा विधानसभा क्षेत्र में विगत वर्षों में 11 स्थानों पर आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन स्वीकृत किये गए। जिनके कार्य प्रारंभ किये जा रहे हंै। भवनविहीन केंद्रों के लिए शासन निरन्तर गंभीरता से प्रयास कर रहा हैं।

