– 51 फीट के रावण के पूतले का किया दहन,
जावरा। विजयादशमी के पावन पर्व पर ग्राम सेजावता में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी दशहरा उत्सव समिति के तत्वावधान में रावण दहन का भव्य आयोजन किया गया। वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत आयोजित इस उत्सव में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ढोल-ढमाकों, जय श्रीराम के जयकारों और आकर्षक आतिशबाजी के बीच पूरा दशहरा मैदान उत्सवी माहौल में नजर आया।
कार्यक्रम के दौरान श्रीराम की सवारी ढोल-ढमाकों और जयकारों के साथ दशहरा मैदान पहुंची। श्रीराम की सेना के मैदान में पहुंचते ही राम और रावण की सेनाओं के बीच युद्ध शुरू हुआ, जो लगभग एक घंटे तक चला। युद्ध के दौरान उपस्थित दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला। इसके बाद भगवान श्रीराम के स्वरूप में आए युवा ने अग्निबाण चलाकर रावण का वध किया और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया।
नाभी पर किया तलवार से वार, फिर हुआ दहन –
रावण दहन की परंपरा के अंतर्गत कुंवर पवन सिंह गेहलोत ने रावण की नाभि पर तलवार मारकर परंपरा का निर्वहन किया। रावण के पुतले के दहन के साथ ही पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। आतिशबाजी ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।
दशहरा उत्सव समिति ने निभाई आयोजन की जिम्मेदारी –
ग्राम सेजावता में दशहरा उत्सव को लेकर समिति के सदस्यों ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई। समिति द्वारा पिछले कई वर्षों से निरंतर रावण दहन का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में धार्मिक परंपराओं को जीवंत रखने के साथ ही बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया जा रहा है। इस दौरान अतिथि के रुप में अशोक जैन अंाटिया, मुख्य संरक्षक प्रकाश जी मेहरा, रावण दहनकर्ता राम सिंह गेहलोत, पवन सिंह गेहलोत, समिति प्रमुख पिंकेश मेहरा के साथ संरक्षक पवन सिंघल, शंकर लाल मालवीय एवं बलराम धाकड़, कार्यक्रम संयोजक भारत मालवीय एवं गोविंद चौधरी, परामर्शदाता राजेंद्र श्रोत्रिय, राम चंचलानी, दशरथ कसानिया, कैलाश मेहता एवं विष्णु अरोड़ा आदि मौजुद रहे।
इन्होने किया स्वागत –
अतिथियों और रामजी की सेना का स्वागत अध्यक्ष महेंद्र अग्रवाल, सचिव विशाल चत्तर, कोषाध्यक्ष सौरभ मेहता, उपाध्यक्ष दिनेश माहेश्वरी आदि ने किया। इस दौरान सचिन चंडालिया, सुंदरलाल मतानिया, महेश दासरी, समरथ धाकड़, सुधीर मेहता, जगदीश वीर, पुखराज बिडवान, गोरधन चौधरी, शिवनारायण नायमा, भरत मालवीय, दिनेश शर्मा, अमन धाकड़, दिलीप नायमा, सूर्यप्रकाश कसानिया, गोपाल पटेल, अमन पटेल, पिंकी एवं धर्मेंद्र वसुनिया मौजुद रहे। ग्राम सेजावता में आयोजित इस भव्य दशहरा उत्सव ने धार्मिक आस्था, पारंपरिक संस्कृति और सामाजिक सहभागिता का सुंदर संदेश दिया। रावण दहन के साथ ही ग्रामीणों ने असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक विजयादशमी पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया।
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