– अंतर-सदनीय भाषण प्रतियोगिता में कक्षा 6 टी से 8वीं के विद्यार्थियों ने हिंदी-अंग्रेजी में रखे विचार, 15 अगस्त को घोषित होंगे विजेता
जावरा। जावरा पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों के ज्ञान, अभिव्यक्ति कौशल और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अंतर-सदनीय भाषण प्रतियोगिता का आयोजन उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों ने विद्यालय के चारों सदनों—ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद—का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
प्रतियोगिता का केंद्रीय विषय “विकसित भारत 2047 एवं विकसित भारत के निर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका” रहा। विद्यार्थियों ने हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। अपने भाषणों में उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना के साथ तकनीकी प्रगति, नवाचार, शिक्षा, रोजगार, कृषि, स्वास्थ्य, प्रशासन और दैनिक जीवन में AI की संभावनाओं पर विचार रखे।
AI को बताया विकास की रफ्तार बढ़ाने वाला माध्यम –
नन्हे वक्ताओं ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल आधुनिक तकनीक नहीं है, बल्कि इसका सही दिशा, नैतिकता और जिम्मेदारी के साथ उपयोग भारत के विकास की गति को कई गुना बढ़ा सकता है। विद्यार्थियों की तथ्यपूर्ण प्रस्तुतियों, आत्मविश्वास, भाषा-शैली, विचारों की स्पष्टता और मंचीय अभिव्यक्ति ने उपस्थितजनों को प्रभावित किया।
निर्णायकों ने परखी प्रतिभागियों की प्रस्तुति –
प्रतियोगिता के निर्णायक कोऑर्डिनेटर भरत सोनी एवं यामिनी जोशी ने विद्यार्थियों के भाषणों का मूल्यांकन किया। निर्णायकों ने विषय पर पकड़, अभिव्यक्ति, उच्चारण, आत्मविश्वास और प्रस्तुति शैली सहित विभिन्न बिंदुओं के आधार पर प्रतिभागियों का आकलन किया।
15 अगस्त को होगी विजेताओं की घोषणा –
प्रतियोगिता के परिणाम को लेकर विद्यार्थियों में विशेष उत्सुकता बनी हुई है। प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर की जाएगी। इसके चलते प्रतिभागियों में परिणाम को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
‘2047 के भारत के निर्माता आज के विद्यार्थी’ –
इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर कमल मूणत ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि मंच पर अपने विचारों को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करना स्वयं में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही 2047 के भारत के निर्माता होंगे। ज्ञान, तकनीक, संस्कार और राष्ट्रप्रेम के समन्वय से ही विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. पीयूष मूणत ने भी सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में वक्तृत्व-कला, तार्किक चिंतन, आत्मविश्वास, समसामयिक जागरूकता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं।
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