जावरा। अवैध शराब के परिवहन के मामलों में न्यायालय ने सख्त संदेश देते हुए एक आरोपी को दोषसिद्ध कर कड़ा दंड सुनाया है। न्यायाधीया शिवानी राठौर, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, जावरा ने अपने निर्णय में अभियुक्त को धारा 34(2) म.प्र. आबकारी अधिनियम के तहत एक वर्ष के साधारण कारावास एवं 25,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इस प्रकरण में आरोपी भेरूलाल पिता कारूजी गुर्जर (35), निवासी ग्राम बुपका, थाना बड़ावदा को अवैध रूप से शराब का परिवहन करते हुए पकड़ा गया था। प्रकरण के फरियादी सउनि एम.ए. खान रहे।
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सुनील सिंह खेर ने न्यायालय को बताया कि घटना के दिन सउनि एम.ए. खान पुलिस बल के साथ क्षेत्र भ्रमण पर थे। ग्राम होलडी पहुंचने पर मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम बुपका निवासी भेरूलाल गुर्जर, जावरा के ताल नाका स्थित देशी शराब दुकान से अवैध रूप से शराब लेकर सुजुकी मोटरसाइकिल क्रमांक एमपी 43 बी 9306 से ग्राम बुपका की ओर परिवहन कर रहा है। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस ने ग्राम ललियाना निवासी भादर खां पिता शकुर खां एवं राधेश्याम पिता मोहनलाल को पंच साक्षी बनाया। कुछ समय पश्चात बुपका फंटा तिराहा, लसूडिया-जंगली रोड पर संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोका गया। तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल के दोनों ओर रस्सियों से बंधे झोलों में कुल 6 पेटी देशी शराब बरामद हुई। बरामद शराब में एक झोले में 2 पेटी मसाला व 1 पेटी प्लेन, जबकि दूसरे झोले में 3 पेटी देशी प्लेन शराब पाई गई। कुल शराब की मात्रा 300 क्वार्टर (लगभग 54 बल्क लीटर) तथा अनुमानित कीमत 17 हजार रुपये आंकी गई। आरोपी के पास शराब रखने अथवा परिवहन करने का कोई वैध लाइसेंस या परमिट नहीं पाया गया। इस पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 34(2) म.प्र. आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की। विवेचना पूर्ण होने के उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य एवं गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। न्यायालय ने अवैध शराब के कारोबार को समाज के लिए घातक बताते हुए आरोपी को एक वर्ष के साधारण कारावास एवं 25,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

