– डॉ पाण्डेय के सदन संचालन ने स्पष्ट किया वे समस्याओं से भलिभाती अवगत हैं और समाधान तक पहुंचाने में निभा रहे सक्रिय भूमिका
– अतिवृष्टि व पीले मोज़ेक से फसल क्षति पर चर्चा में सक्रिय रहे जावरा विधायक
– किसानों के हित में सरकार की त्वरित पहल की जानकारी दी
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के प्रथम दिन जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय ने सभापति के रूप में कार्यभार संभालते हुए सदन की कार्यवाही का व्यवस्थित संचालन किया। सत्र के पहले ही दिन उनकी संयमित और प्रभावी अध्यक्षता की सराहना देखने को मिली।
अतिवृष्टि तथा पीले मोज़ेक रोग के कारण किसानों की फसल को हुई भारी क्षति पर चर्चा के दौरान विधायक डॉ. पांडेय सक्रिय रूप से शामिल रहे। उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए बताया कि पीले मोज़ेक से फसल नुकसान की जानकारी सबसे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अवगत कराई गई थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए स्वयं रतलाम जिले के खेतों में पहुँचकर वास्तविक स्थिति का जायज़ा लिया। राज्य सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए फसल क्षति मुआवजा के रूप में साढ़े पाँच सौ करोड़ रुपये की राशि वितरित की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बताया कि भावांतर योजना के अंतर्गत 482 करोड़ रुपये की राशि किसानों को दी जा चुकी है, जिससे प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिली है। डॉ. पांडेय के वक्तव्य और सदन संचालन ने स्पष्ट किया कि वे न केवल क्षेत्र की समस्याओं से भली-भांति अवगत हैं बल्कि उन्हें समाधान तक पहुँचाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
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