– भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में बनाया प्रकरण
रतलाम। क्षैत्र में अक्सर ग्रामीण अंचलों में रास्तों को लेकर विवाद होना आम बात हैं, पुलिस थानों से लेकर राजस्व न्यायालय में ऐसे कई प्रकरण प्रतिदिन देखने को मिलते हैं, लेकिन विवादित रास्ते को खुलवाने के नाम पर नामली थाने पर पदस्थ एसआई द्वारा ग्रामीण से 15 हजार रुपए की रिश्वत मांगे जाने का मामला मंगलवार को उस समय प्रकाश में आया जब रिश्वत के रुपए लेने पहुंचे एक व्यक्ति को लोकायुक्त पुलिस ने टे्रप किया। लोकायुक्त पुलिस ने रतलाम के मेडिकल कॉलेज से समीप कार्रवाई करते हुए एसआई और प्राईवेट पर भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया हैं।

लोकायुक्त महानिदेशक जयदीप प्रसाद के निर्देश पर मंगलवार को लोकायुक्त एसपी अनिल विश्वकर्मा के मार्गदशन में लोकायुक्त डीएसपी सुनील तालान और राजेश पाठक रतलाम जिले के सिखेड़ी निवासी धारासिंह पिता शंभूलाल की शिकायत पर नामली थाने में पदस्थ एसआई रायसिंह रावत और प्राईवेट व्यक्ति दिलीप प्रजापत को रिश्वत के मामले में ट्रेस किया हैं। डीएसपी तालान ने बताया कि विवादित रास्ते को खुलवाने के बदले एसआई ने शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपए की मांग की थी। शिकायत के बाद टीम बनाकर शिकायत का वेरिफिकेशन करवाया और रंगे हाथों पकडऩे की योजना बनाई, योजना के अनुसार मंगलवार को दोपहर में मेडिकल कॉलेज के बाहर रुपए देने के लिए एसआई को तैयार किया। लेकिन एसआई नहीं आया। उसने एक प्राइवेट व्यक्ति दिलीप प्रजापति को भेजा। जैसे ही उसे रुपए दिए। तब रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
एसआई ने कहा रुपए रख ले कल लूंगा –
प्राईवेट व्यक्ति दिलीप को गिरफ्तार करने के बाद डीएसपी तालान ने उससे एसआई रावत को फोन लगाकर रुपए मिलने और कहां देने को लेकर कॉल करवाया जिस पर एसआई ने प्रजापत से कहा कि रुपए तू रख ले, कल आकर लूंगा। जिसकी रिकॉर्डिंग भी की गई। इस आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने एसआई रायसिंह रावत एवं प्राइवेट व्यक्ति दिलीप प्रजापति के खिलाफ धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संसोधन 2018) के अधीन केस दर्ज किया। टीम में हितेश लालावत, विशाल, उमेश लोकेश समेत 10 सदस्य शामिल रहे।
प्रतिवेदन के बाद करेंगे कार्रवाई –
नामली थाने पर पदस्थ एसआई के द्वारा रिश्वत मांगे जाने के मामले में रतलाम एसपी अमित कुमार ने बताया कि लोकायुक्त कार्रवाई का प्रतिवेदन मिलने के बाद संबंधित एसआई पर उचित कार्रवाई की जाएगी।


