– पहाडिय़ा रोड़ स्थित सरस्वती पुरम पर जारी नवीन आचार्य विकास वर्ग
जावरा। योजना पूर्वक किए गए प्रयत्न से ही विकास होते हैं, हमें भैया बहनों के विकास में लगना है यह विकास वर्ग है बच्चों के आंतरिक विकास और बाहरी विकास साथ साथ में होना चाहिए यह व्यक्तित्व विकास की प्रक्रिया निरंतर चलती रहना चाहिए। बच्चों का पंचकोशत्मक विकास संपूर्ण व उम्र के हिसाब से हो यह आचार्य की जिम्मेदारी हैं।
यह बात सरस्वती शिशु मंदिर सरस्वतीपुरम पहाडय़िा रोड पर चल रहे नवीन आचार्य विकास वर्ग के तृतीय दिवस चिंतन सत्र में नगरीय शिक्षा के प्रांत प्रमुख पंकज पवार ने उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहीं। पंवार ने पंचकोश के बारे में उपस्थित आचार्यों को विस्तार से समझाते हुए कहा कि विकास जीवन की निरंतर प्रक्रिया हैं, विकास में प्रयास लगता है इसलिए विकास वर्ग मैं हमारा विकास होगा इसके माध्यम से भैया बहनों का भी विकास होगा और तभी हम अपना लक्ष्य भैया बहनों का सर्वांगीण विकास करना प्राप्त कर सकेंगे।
सरस्वती पूजन व अमृत वचन से शुरु हुआ तृतीय दिवस –
कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत किया गया अतिथियों द्वारा माता सरस्वती का पूजन अर्चन किया। अमृत वचन दीपिका राठौड़ ने प्रस्तुत किया। व्यक्तिगत गीत राहुल मेहता ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में वर्ग संयोजक मोहित पंवार समिति अध्यक्ष अनिल पावेचा, सहसचिव शीतल चौरडिय़ा उज्जैन, विभाग समन्वयक महेंद्र भगत के साथ सरस्वतीपुरम प्राचार्य रेनू बाला शर्मा उपस्थित रही।

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