जावरा। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर एवं माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रतलाम के निर्देशानुसार एवं अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति, जावरा के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्ययोजना अनुसार नालसा (जागृति जमीनी स्तर पर सूचना व पारदर्शिता पहल के लिये न्याय जागरूकता) योजना 2025, नालसा (बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं और उनके संरक्षण के लिए विधिक सेवाए) योजना 2015 व प्रदेशव्यापी वृहद पौधारोपण अभियान विधिक सेवा, प्रकृति की रक्षा अंतर्गत 17 जुलाई 2025 को विश्व अंतर्राष्टीय न्याय दिवस के अवसर पंचम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड नेहासिंह परिहार, षष्ठम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड जावरा शिवानी राठौर की उपस्थिति में जावरा पब्लिक स्कूल जावरा में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मां सरस्वती जी का माल्यार्पण कर शुभारंभ किया गया। स्वागत भाषण विद्यालय प्राचार्य पियूष मूणत ने देते हुए अतिथि न्यायाधीशों का स्वागत किया।
न्यायाधीश नेहासिंह परिहार द्वारा विश्व अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस के महत्व के बारे में बताया कि हमें अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिये। वर्तमान समय में संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिये नालसा (जागृति जमीनी स्तर पर सूचना व पारदर्शिता पहल के लिये न्याय जागरूकता) योजना 2025 बनायी गयी है जिसके माध्यम से आमजन को उनके अधिकारों के प्रति सजग व जागरूक किया जा सकें। नालसा (बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं और उनके संरक्षण के लिए विधिक सेवाए) योजना 2015 के बारे में बताते हुए कहा कि अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और आप अपने माध्यम से अपने घर परिवार के सदस्यों को कानून से संबंधित प्रावधानों के बारे में जागरूक करना चाहिए। विधिक अधिकारों के बारे में बताया कि आज के समय में हम सब स्मार्टफोन तथा इंटरनेट का इस्तेमाल करते है अपनी किसी भी प्रकार की कोई भी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। आई.टी. एक्ट के बारे में बताया कि इंटरनेट के युग में किसी भी व्यक्ति को कंप्यूटर या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का उपयोग करके आपत्तिजनक जानकारी भेजना या प्रसारित करना दंडनीय अपराध है।
भारतीय संविधान के बारे में बताया –
न्यायाधीश शिवानी राठौर द्वारा छात्र-छात्राओं को भारतीय संविधान के बारे में बताया कि संविधान हमें सशक्त करता है। संविधान द्वारा प्रदान किये गये अपने अधिकारों का प्रयोग करें, अनुच्छेद 14 हमें कानून के समक्ष समानता का अधिकार प्रदान करता हंै। अनुच्छेद 15 अंतर्गत किसी भी नागरिक के साथ धर्म, जाति, लिंग, जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव नहीं करता सकता हैं। संविधान के मूल कर्तव्यों के बारे बताया कि हमें अपने कर्तव्य जैसे संविधान का पालन करना, राष्ट्र को साफ-स्वच्छ रखे आदि का पालन करना चाहिए। छात्र-छात्राओं को शिक्षा के अधिकार, शासन द्वारा संचालित योजनाएं, सालसा की नि:शुल्क हेल्प लाइन नबर, विधिक सेवा मोबाइल एप, नि:शुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
किया पौधारोपण –
शिविर में प्रदेशव्यापी वृहद पौधारोपण अभियान विधिक सेवा, प्रकृति की रक्षा अंतर्गत स्कूल परिसर में न्यायाधीशगण, शिक्षकगण, छात्र-छात्राओं द्वारा पौधारोपण किया गया। शिविर मे छात्र-छात्राओं द्वारा पूछे गये विधिक प्रश्नों के उत्तर दिये गये। शिविर में प्राचार्य पीयूष मूणत, अधिवक्ता अर्पित चत्तर, कोर्डीनेटर भरत सोनी, शिक्षक शुभी बुधराजा सहित समस्त छात्रगण सहित तहसील विधिक सेवा समिति, जावरा का स्टॉफ उपस्थित रहे।
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