– कलेक्टर कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप, किसान संघ ने सौंपा ज्ञापन
जावरा में कलेक्टर कोर्ट के आदेश का पालन न होने से नाराज जन संघर्ष समिति और प्रभावित किसान संघ ने बड़ा आंदोलन छेडऩे की चेतावनी दी है। समिति ने साफ कहा है कि यदि समय पर समाधान नहीं हुआ तो क्रमिक हड़ताल, भूख हड़ताल और आमरण अनशन जैसे कदम उठाए जाएंगे। साथ ही एसडीएम और उप-पंजीयक पर कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया।
जावरा। जिले के जावरा क्षेत्र में कलेक्टर न्यायालय के आदेश की कथित अवहेलना को लेकर जन संघर्ष समिति, पीडि़त प्रभावित किसान संघ ने शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। समिति ने एसडीएम जावरा सुनिल जायसवाल और उप-पंजीयक जावरा विकास कुमार जैन पर आदेश के पालन में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या है पूरा मामला –
समिति के अनुसार, दिनांक 14 जनवरी 2026 को कलेक्टर न्यायालय द्वारा आदेश क्रमांक 0012/अ-82/2024-25 में उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड मार्ग के तहत हुसैन टेकरी से जोयो तिराहे तक के पुराने एलाइनमेंट को निरस्त कर दिया गया था। इस आदेश के पालन के लिए एसडीएम जावरा को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। समिति का आरोप है कि एसडीएम और उप-पंजीयक द्वारा मीडिया के समक्ष 15 से 20 दिनों में रजिस्ट्री पर लगी रोक हटाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन चार महीने बीतने के बाद भी न तो आदेश का पालन हुआ और न ही रजिस्ट्री शुरू हो पाई।
आर्थिक गतिविधियों पर असर –
समिति सुनिल पोखरना, असलम मेव व अन्य सदस्यों ने बताया कि पिछले करीब 20 महीनों से भूमि रजिस्ट्री बंद होने के कारण क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां ठप हो गई हैं। किसानों और व्यापारियों को जमीन की खरीदी-बिक्री नहीं हो पाने से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसे समिति ने आर्थिक नाकेबंदी जैसी स्थिति बताया है।
कानूनी उल्लंघन का आरोप –
ज्ञापन में कहा गया है कि यह मामला मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 और मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3(1) का उल्लंघन है, जो दंडनीय श्रेणी में आता है। समिति ने कलेक्टर से चार बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग की है
– संबंधित अधिकारियों पर तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई
– 7 दिनों के भीतर आदेश का पूर्ण पालन
– हुसैन टेकरी से जोयो तिराहे तक की भूमि पर रजिस्ट्री शुरू करने के आदेश
– कार्रवाई नहीं होने पर उच्च न्यायालय जाने की चेतावनी
आंदोलन की चेतावनी –
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी माह की 1 तारीख तक समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो क्रमिक हड़ताल, भूख हड़ताल और आमरण अनशन जैसे आंदोलन किए जाएंगे। जिसकी समस्त जवाबदारी भी प्रशासन की रहेगी। ज्ञापन में पर हस्ताक्षर करने वालो में सुनील पोखरना, मनोज मेहता, रंजीत सिंघल, राजेश कोठारी, उबेद अंसारी, गुड्डू पठान, फरजाना खान, असलम मेव, जीतू मालवीय, दिनेश नायमा, जगदीश सोलंकी, आर.डी. धाकड़, मुकेश धाकड़, राधेश्याम पाटीदार, अब्बास बोहरा, नरेंद्र सेठिया, फरीद हुसैन, सिकंदर मेव, नागेश्वर पाटीदार, धर्मेंद्र विकास के नाम शामिल हैं।

०००००००००००००००००
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

