– उम्मेदपुरा और अचलपुरा के ग्रामीण पहुंचे थाना, परथाजी आदिवासी को रिहा करने की मांग
पिपलौदा। रतलाम जिले के पिपलौदा थाना में शुक्रवार को उम्मेदपुरा और अचलपुरा के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे और थाना प्रभारी से जवाब तलब किया। ग्रामीणों का आरोप है कि अचलपुरा निवासी परथाजी आदिवासी पर झूठा मामला दर्ज कर उन्हें बिना पर्याप्त जांच के जेल भेज दिया गया। मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना था कि परथाजी निर्दोष हैं और उन्हें केवल सामाजिक समझौता कराने के कारण साजिशन फंसाया गया है। थाना प्रभारी द्वारा लोगों को कई बार समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि 11 अप्रैल 2026 को उम्मेदपुरा निवासी शंकरलाल चरपोटा की मोटरसाइकिल दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। दुर्घटना में दूसरी बाइक बामनघाटी निवासी दीपक निनामा की बताई गई। ग्रामीणों के अनुसार हादसे के बाद जातीय परंपरा और सामाजिक समझौते के तहत ग्राम अचलपुरा के मुखिया परथा पिता लच्छा जी और उपसरपंच मेहबूब खान को बामनघाटी भेजा गया था, ताकि दोनों पक्षों के बीच विवाद शांत हो सके। ज्ञापन में आगे आरोप लगाया गया कि घटना के आठ दिन बाद मृतक पक्ष के सुखराम नामक युवक ने घरेलू विवाद के चलते पहाड़ी से कूदकर आत्महत्या कर ली, लेकिन उसका झूठा आरोप परथाजी पर लगाकर उन्हें साजिशन जेल भेज दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि बिना ठोस जांच और सबूत के कार्रवाई की गई तथा समाचार पत्रों में भी उन्हें आरोपी बताकर प्रकाशित कर दिया गया। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच कर परथाजी को न्याय दिलाने की मांग की है।
थाने पर ये रहे उपस्थित –
इस दौरान किसान नेता डीपी धाकड़, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेश पटेल, निखिलेश प्रजापति, नितिन चौहान, पन्नालाल देवड़ा, कैलाश देवड़ा, नागु भगोरा, विश्राम देवड़ा, पूंजा देवड़ा, गणेश देवड़ा, मदनलाल देवड़ा और शंकर देवड़ा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ज्ञापन का वाचन गुड्डू देवड़ा ने किया।

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