– मामला जावरा-उज्जैन ग्रीन फिल्ड एक्सप्रेस वे का
– जोयो होटल चौराहे से भूतेड़ा तक बन रहे फ्लाय ओव्हर को लेकर चिंतित है व्यापारी
– निजी जमीन के स्थान पर सरकारी जमीन को उपयोग में लेने की रखी मांग
जावरा। सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन को दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेस वे तथा लेबड़ नयागांव फोरलेन से जोडऩे के लिए मध्यप्रदेश की डॉ मोहन यादव की सरकार जावरा से उज्जैन तक नया ग्रीन फिल्ड एक्सप्रेस वे बनाने जा रही हैं, एक्सप्रेस वे के बनने से निश्चित ही शहर का विकास होगा, लेकिन होटल जौये चौराहे से उज्जैन बायपास से लेकर भूतेड़ा 8 लेन एक्सप्रेस वे तक के सभी व्यापारियों के व्यापार का विनाश हो जाएगा। ऐसे में इस क्षैत्र के सभी व्यापारियों ने प्रदेश की मोहन सरकार से गुहार लगाते हुए कहा है कि विकास ऐसा करों मोहन सरकार की व्यापार का विनाश ना हो, यदि जावरा से लेकर भुतेड़ा तक फ्लाय बनता हैं तो निश्चित रुप से बायपास के सभी व्यापारियों भारी नुकसान हो जाएगा, क्यों कि फ्लाय ओव्हर बनने के बाद इस बायपास का सारा ट्राफिक नीचे आने के बजाय सीधे ऊपर से ही निकल जाएगा। जिससे इस रोड़ के सैंकड़ो व्यापारियों के समक्ष परिवार के पालन पोषण को लेकर संकट खड़ा हो जाएगा। व्यापारियों ने प्रदेश सरकार ने जावरा से भूतेड़ा तक बनने वाले फ्लाय ओव्हर के स्थान पर वर्तमान में जो बायपास बनी हैं, उसे ही चोड़ा करने की मांग की हैं।
निजी भूमि के स्थान पर शासकीय भूमि का उपयोग करे सरकार –
जावरा- उज्जैन से जावरा नवीन फोरलेन मार्ग पर शासकीय भूमि नहीं लेकर किसानों की निजी भूमि लेने पर ग्राम पंचायत भूतेड़ा के ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज करते हुए प्रबंधक मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन उज्जैन के अधिकारियों और जावरा तहसीलदार संदीप इवने द्वारा लगाए गए केम्प में व्यापारियों और किसानों ने एक पत्र सौंपकर मांग की है कि नवीन फोरलेन सड़क मार्ग का निर्माण राज्य सरकार की ओर से किया जाना प्रस्तावित हैं उपरोक्त रोड के संबंध में गूगल मैप पर जिस स्थान पर पूर्व प्रस्तावित किया गया हैं। यह स्थान कृषि योग्य भूमि होकर इसके स्थान पर अधिक शासकीय भूमि वाले स्थान पर नवीन फोरलेन रोड का निर्माण नहीं किया जाकर जिस स्थान पर निर्माण किया जाना प्रस्तावित है उसमें अधिक किसान प्रभावित होकर मध्य प्रदेश शासन को अधिक मुआवजा राशि प्रदान करना पड़ेगी। ग्राम भूतेड़ा में पूर्व दिशा की ओर की भूमि में लगभग ढाई सौ बीघा भूमि शासकीय भूमि होकर ऐसी शासकीय भूमि में किसी प्रकार के कोई निर्माण भी नहीं है और पश्चिम दिशा की ओर निकाले जाने वाले रोड में निर्मित मकान भी होकर राज्य सरकार को शासकीय भूमि होते हुए भी अधिक मुआवजा राशि किसानों को भूमि धारकों को देना पड़ सकती हैं।
ग्राम पंचायत भूतेड़ा की बैठक में दिए दिए ये सुझाव –
ग्राम पंचायत भूतेड़ा की बैठक में किसानों और व्यापारियों ने मध्यप्रदेश सरकार को जो सुझाव दिए हैं उनमें ग्रामीणों को आवागमन के लिए रास्ता दिया जाए। जल भराव से खेतों में पानी ना भरा जाए तथा पानी को निकासी हेतु रास्ता दिया जाए। रोड के दोनों साइड नालियां बनाई जाए। गाइड लाइन से चार गुना मुआवजा दिया जाए। भूतेडा गांव के पूर्व अलॉटमेंट में बदलाव कर उसे गांव की दूसरी ओर की तरफ शासकीय भूमि में अधि ग्रहण की जाए । उज्जैन को एट लेन से गरोठ रोड द्वारा पूर्व में जोड़ा गया है अत: नया रोड न बनाकर उज्जैन से जावरा पुराना रोड को फोरलेन में शामिल किया जाए । सिंचाई के लिए पानी के पाइप की लाइन डाली जाए। 
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