– भाजपा के पार्षदों ने दो बार निरीक्षण शिकायत की, लेकिन नहीं हो सकी कोई कार्रवाई
जावरा। शहर के रतलामी गेट से लेकर खाचरौद रोड़ स्थित सेजावा तक बन रहे नाले को बनते बनते करीब पांच साल से अधिक का समय हो गया है, लेकिन नाला अब तक पूर्ण नहीं हुआ है। नाला निर्माण में नपा के जवाबदारों की मिलीभगत व साठगांठ के चलते घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे नाला बनते बनते ही धंस गया, रहवासियों ने इसकी शिकायत सीएम हेल्प लाईन तक भी की और तो और क्षैत्रीय विधायक डॉ राजेन्द्र पाण्डेय ने नाले के भ्रष्टाचार और अधुरे पड़े नाले के मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया, लेकिन मोटी चमड़ी के जवाबदारों पर कोई असर नहीं हुआ। ठेकेदार पर कार्रवाई करना तो दूर जवादार ठेकेदार को एक नोटिस तक नहीं दे सके, जिससे ठेकेदार और जवाबदारों की मिली भगत स्पष्ट रुप से दिखाई दे रही है। विधायक डॉ पाण्डेय द्वारा विभागीय कार्यो की समीक्षा बैठक में भी निर्माण कार्य समय पर पुरा नहीं करने वाले ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड करने के आदेश दिए थे, जिस पर नपा ने दो ठेकेदारों को तो ब्लैक लिस्टेड कर दिया, लेकिन नाला बनाने वाले ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड नहीं किया गया। ठेकेदार को लेकर नपा के जवाबदारों के दिल में साफ्ट कार्नर किस और ईशारा करता है यह तो जग जाहिर हो चुका है।
नाला तो बना नहीं, अन्य काम भी दे दिए –
नाला बनाने वाले ठेकेदार द्वारा पांच सालों में नाला तो पुरा हुआ नहीं, ऊपर से मुख्यमंत्री अधोसंरचना के तहत अन्य काम के टेंडर भी इसी ठेकेदार को दे दिया गया है। ऐसे में अब शहरवासियों का कहना है कि नाला तो पांच साल में बना नहीं, अन्य काम कितने साल में पूरे होंगे यह कहा नहीं जा सकता है।

