– जो अंदर है उनके मोबाईल करवाए बंद, किसी को भी अंदर आने जाने की अनुमति नहीं
– सूत्रों के अनुसार करीब तीन दिन चलेगी ईडी की रेड
जावरा। शहर के रतलाम नाका स्थित र्वधमान साल्वेंट (अम्बिका साल्वेंट) पर बुधवार को सुबह सुबह ईडी की टीम पहुंची तो पुरे शहर में हड़कम्प मच गया। संभवत: जिले में ईडी की यह पहली कार्रवाई है, ऐसे में क्षैत्र के सबसे बड़े सोया प्लांट पर हुई इस रेड़ को लेकर हर कोई उत्सक दिखाई दे रहा है। बुधवार को दोपहर में जैसे ही ईडी की गाडिय़ा साल्वेंट पर पहुंची वैसे ही अंदर मौजुद कर्मचारियों को छुट्टी देकर बाहर कर दिया गया। वहीं जिन कर्मचारियों से पुछताछ या जानकारी लेना थी, केवल उन्है ही अंदर रखा, उनके भी मोबाईल बंद करवा दिए गए। वर्धमान साल्वेंट के गेट पर निजी सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए, जो किसी को भी ना तो अंदर आने दे रहे थे और ना ही किसी को अंदर से बाहर जाने दे रहे थे।
बुधवार को दोपहर में रतलाम नाका स्थित वर्धमान साल्वेंट पर इंदौर और गुजरात पासिंग की तीन गाडिय़ा दनदनाती हुई अंदर घुसी, हालाकि उस दौरान वहां मौजुद कर्मचारियों को कुछ पता नहीं चला, लेकिन कुछ ही देर में तीनों गाडिय़ों से आए करीब 7-8 अधिकारी उतरे और साल्वेंट में मौजुद कर्मचारियों को छुट्टी देकर बाहर रवाना कर दिया और मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। और मेन गेट पर निजी सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए। करीब ढाई बजे बाद बायलर भी बंद करवा दिया और बचे हुए कर्मचारियों को भी बाहर भेज दिया। सूत्रों की माने तो चंद कर्मचारियों को अंदर रखा गया, वह भी ऐसे जिनसे कुछ पुछताछ करती हो या दस्तावेज की जांच करना हो, ऐसे सभी कर्मचारियों के मोबाईल फोन भी बंद कर दिए गए। ईडी की रेड के दौरान मीडियाकर्मियों को भी अंदर नहीं आने दिया गया और ना ही किसी प्रकार की कोई जानकारी प्रदान की गई। इधर सूत्रों की माने तो ईडी की यह रेड़ करीब तीन चलने का अनुमान है।

पूर्व में भी पड़ी थी रेड, तो बदल दिया था नाम –
पूर्व में भी इस संयत्र पर छापामारे हुई थी, जब इस संयत्र का नाम अम्बिका साल्वेंट हुआ करता था, लेकिन छापे के बाद इस संस्थान का नाम बदलकर वर्धमान साल्वेंट कर दिया गया था। हालाकि उस दौरान भी रेड़ में टीम को क्या कमियां मिली थी, इसका खुलासा नहीं किया गया था।


