– गीता जयंति महोत्सव के तहत चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा का हुआ समापन
– गीता भवन ट्रस्ट ने किया संत का स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान
जावरा। व्यक्ति कितना ही उच्च स्तर पर चला जाए, उसे अपनी संस्कृति और मर्यादा को भी साथ चलाना चाहिए। प्रतिष्ठा प्राप्त हो जाए तब भी भगवान के श्री चरणों में निष्ठा बनाए रखे। धर्म और भक्ति के मार्ग पर रहोंगे तो मजबुत होकर रहना। श्रृद्धा और विश्वास को लेकर इस आध्यात्म के मार्ग पर आना।
यह बात श्री गीता भवन ट्रस्ट द्वारा आयोजित 84 वें श्री गीता जयंति महोत्सव के तहत आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के अंतिम दिन भक्तों को कथा का रसपान करवाते हुए कथा प्रवक्ता राष्ट्रसंत नमन वैष्णव ने कहीं। कथा के अंतिम दिन लंका दहन, राम सेतु निर्माण के साथ ही कुंभकर्ण, मेघनाद और रावण का वध कर सीताजी का लेकर पुन अयोध्या लोटने का प्रसंग सुनाया। इस दौरान विधायक डॉ राजेन्द्र पाण्डेय ने भी सम्बोधित किया।
इन्होने लिया आरती और पोथी पूजन का लाभ –
कथा के समापन अवसर पर गीता भवन ट्रस्ट मंडल द्वारा ट्रस्ट अध्यक्ष एवं विधायक डॉ राजेन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व में राष्ट्र संत नमन वैष्णव का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के अंतिम दिन पौथी पूजन और आरती का लाभ समाजसेवी महेन्द्रसिंह बामनखेड़ी, भापजा जिला उपाध्यक्ष महेश सोनी, मंडल अध्यक्ष राजेश शर्मा, समाजसेवी मुकेश प्रजापत, सुखेडा मंडल पूर्वाध्यक्ष बद्रीलाल शर्मा, सुखेड़ा मंडल अध्यक्ष अमित पाठक के साथ पिपलौदा तहसीलदार देवेन्द्र धानगढ़ सपत्निक ने लिया। राष्ट्रसंत व अतिथियों का स्वागत संरक्षक देवीशरण शर्मा, चिमनलाल गर्ग, परामर्शदाता डॉ सीएल वर्मा, डॉ आरएन मंडवारियां, सचिव अशोक सेठिया, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र गर्ग, उपाध्यक्ष कैलाश विजयवर्गीय, हरिनारायण अरोड़ा, सहसचिव राजेन्द्र श्रोत्रिय, प्रचार मंत्री मोहन पटेल के साथ ट्रस्टी प्रकाश मेहरा एडवोकेट, दिनदयाल पाटीदार, बालाराम पाटीदार, केएल स्वर्णकार, प्रकाशचन्द्र खण्डेलवाल, तेजराम मांगरोदा, डॉ शैलेन्द्र पाण्डेय, प्रदीपसिंह सोलंकी एडवोकेट, गायत्री प्रसाद मंडलोई, अर्पित सेठिया, आनंद गर्ग के साथ संत सेवादारों ने किया। संचालन वरिष्ठ अभिभाषक आई.पी. त्रिवेदी ने किया। अंत में आभार अशोक सेठिया ने माना।


