– पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने पर समरथ धनगर की कीटनाशक पीने से हुई मौत के बाद परिजनों का हंगामा
– पुलिस ने आरक्षक को किया लाईन अटेच, आरोपी भी पुलिस गिरफ्त में
जावरा। पार्टनरशिप में लीज पर खेती की, फसल का हिस्सा नहीं मिलने पर पार्टनर की शिकायत लेकर पिपलौदा पुलिस थाने पर शिकायत के लिए पहुंचे पिपलौदा के समरथ धनगर के साथ पुलिस द्वारा की गई मारपीट से प्रताडि़त होकर कीटनाशक पीने के मामले में सोमवार की रात में समरथ की मौत के बाद सुबह परिजनों ने समरथ के शव को रखकर पिपलौदा में प्रदर्शन किया। करीब पांच घंटों तक चले प्रदर्शन के चलते जावरा से पिपलौदा तथा पिपलौदा से बासवाड़ा मार्ग अवरूद्ध हो गया। प्रदर्शन को शांत करने जावरा एसडीएम त्रिलोचन गौड़ के साथ रतलाम से एएसपी राकेश खाखा, सीएसपी दुर्गेश आर्मो के साथ एसडीओपी संदीप मालवीय पिपलौदा पहुंचे लेकिन परिजन उनकी मांगों पर अड़े रहे। इधर प्रदर्शन के दौरान जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़, पिपलौदा नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम बिहारी पटेल भी परिजनों के साथ प्रदर्शन में शामिल होकर न्याय दिए जाने की मांग पर अड़े रहे। हालाकि पुलिस ने मामले में देवीलाल पर आत्महत्या के लिए उकसाने केा लेकर प्रकरण दर्ज किया हैं, वहीं आरक्षक अनिल पाटीदार को एसपी अमितकुमार ने लाईन अटेच कर दिया हैं।
मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे समरथ के परिजन उसकी अंतिम यात्रा लेकर निकले और सीधे पिपलौदा पुलिस थाने के सामने आकर जम गए और शव को रखकर प्रदर्शन करने लगे। कुछ ही देर में मौके पर भीड़ बढ़ती चली गई और भीड़ ने पिपलौदा का मुख्य चौराहा जाम कर दिया। जिसके चलते जावरा से पिपलौदा और पिपलौदा से सैलाना, बांसवाड़ा का मार्ग पुरी तरह से जाम हो गया। जिसके चलते इन दोनेा रूट पर चलने वाली बसे प्रभावित हुई, पुलिस व प्रशासन ने रुट को डायवर्ट किया तो लोगों ने डायवर्ट रूट को बंद करने का प्रयास किया। चौराहे पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी भी मौके पहुंचे और समझाईश देने का प्रयास किया, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे।
परिजनों ने ये मांगे दी लिखित में –
पिपलौदा पुलिस थाने के सामने प्रदर्शन कर रहे परिजनों व समाजजनों के साथ पहुंचे राजनेताओं ने प्रशासन के समक्ष लिखित मांग के साथ एक पत्र सौंपा। जिसमें समरथ के बच्चों के भविष्य के लिए शासन से 50 लाख रुपए के मुआवजे की मांग की, तत्काल प्रभाव से 10 लाख रुपए की सहायता राशि देने के साथ ही मामले की 15 दिनों के भीतर न्यायिक जांच करवाने के साथ ही आरक्षक और उसके सहकर्मियों पर कडी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग रखी हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शासन उनकी मांग नहीं मानता हैं तो समाज द्वारा चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
लाठी चार्ज व आंसु गैस की हुई तैयारी –
करीब तीन घंटे की मशक्कत और समझाईश के बाद भी जब मृतक के परिजन व समाजजन नहीं माने तो पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठी चार्ज और आंसु गैस के गोले दागने की भी प्रबंध लिया था। भीड़ के बीच पुलिस और परिजनों के बीच झीना छपटी भी हो गई। दरअसल परिजन मृतक को शव को पुलिस थाने के बाहर की जलाने की तैयारी करने लगे थे, कुछ लोग शव का दाह संस्कार थाने के बाहर ही करने के लिए लकड़ी और कंडे लेकर पहुंच गए थे, जिन्है पुलिस ने छीना। करीब चार घंटे की लंबी समझाईश और जिलाधीश के नाम मांग पत्र सौंपने के बाद कहीं मामला शांत हुआ और लोगों ने रोड़ को खोला। परिजन मृतक को शव को लेकर शांति वन पहुंचे और उसका दाह संस्कार किया।
वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेषित किया हैं मांग पत्र –
मृतक के परिजनों ने एक मांग पत्र दिया हैं, जिसे वरिष्ठ अधिकारियों तक भेजा हैं, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। – त्रिलोचन गौड़, एसडीएम जावरा



