– दिल्ली से आई रिसोर्स पर्सन आभा अरोड़ा और इंदौर के निर्मल भटनागर ने दी ट्रेनिंग
– पंचकोष विकास की आवश्यकता, धारणाओं को बदलकर जीवन शैली को सुधारें
जावरा। जावरा पब्लिक स्कूल में दो दिवसीय टीचर्स ट्रेनिंग में कॉपटेंसी बेस्ड टीचिंग एंड एसेसमेंट के साथ जीवन शैली के साथ विद्यार्थी जीवन को सुधारने के तरीके। कॉपटेंसी बेस्ड टीचिंग एंड एसेसमेंट में दिल्ली से आई रिसोर्स पर्सन आभा अरोड़ा ने समस्त शिक्षकों को इस बारे में संयुक्त रूप से बताया व विभिन्न विकासशील प्रयासों के बारे में अपने अनुभव साझे किए। रविवार को आयोजित ट्रेनिंग सैशन में निर्मल भटनागर द्वारा स्वयं की जीवन शैली को विद्यार्थी जीवन के अनुसार धारणाओं के लिए ट्रेनिंग सैशन का आयोजन हुआ। लॉजिक लगाकर नई सोच के साथ अपनी सिखने की क्षमताओं को पहचाने। सैशन में सभी को जोड़े रखने व उसे बेहतर तरीके से समझाने के लिए कई गतिविधियां शामिल थी। जिससे की हर कोई उसमें बढ़-चढक़र हिस्सा ले व आन्नद के साथ उसे करके आगे ब़च्चों को भी समझा पाएं। जिसमें समस्त स्कूल स्टॉफ ने ट्रेनिंग सैशन का लाभ लिया।
बेहतर शिक्षण हेतु आयोजित की ट्रेनिंग –
संस्था प्राचार्य पियूष मूणत ने बताया सीबीएसई निरंतर शिक्षा प्रणाली में सुधार के साथ विद्यार्थी जीवन में शिक्षा को सरल बनाने के लिए प्रयास करती रही है। उसी क्रम में हमने शिक्षकों के विकास व प्रयासों में कॉपटेंसी बेस्ड टीचिंग एंड एसेसमेंट ट्रेनिंग सैशन को शनिवार को आयोजित किया। सैशन में बच्चों के विभिन्न लर्निंग को कैसे एक्टिव करें व स्किल्ड बनाएं। पंचकोष विकास की आवश्यकताओं में शारीरिक, बौद्धिक, व्यवहारिक, सुझ-बुझ, भावुकता आदि के विकास जैसी चीजों पर ध्यान दिया। कैसे अपनी सभी उर्जाओं को एकत्रित कर कक्षाक्षेत्र को उर्जांवित व एक्टिव बनाए। इस ट्रेनिंग का संचालन दिल्ली की आभा अरोड़ा ने किया। रविवार को आयोजित वर्कशॉप ट्रेनिंग का संचालन इंदौर के प्रख्यात ट्रेनर निर्मल भटनागर ने किया। स्वागत सत्कार के साथ समस्त स्कूल स्टाफ ने ट्रेनिंग सैशन में भाग लिया। कैसे अपनी धारणाओं को बदलने व जीवन शैली को सकारात्मक बनाकर सुधारने की आवश्यकता है। आपके विचार निर्धारित करते है आपकी उर्जा का, कैसे आप खुदको पिछली सोच के आगे लाकर अपने आप कक्षाओं में ही नहीं हर वर्ग में नया और सोच को सकारात्मक अना सकते है। लॉजिक लगाकर नई सोच के साथ अपनी सिखने की क्षमताओं को पहचाने। इसी क्रम में प्राकृति के नियमों को विस्तारपूर्वक बताया जिनमें लॉ ऑफ बीलिफ, लॉ ऑफ अट्रेक्शन, लॉ ऑफ फोकस, लॉ ऑफ क्रीएशन, लॉ ऑफ सेलिबे्रशन, लॉ ऑफ ग्रेटीट्यूट, लॉ ऑफ रिलेशनशिप, लॉ ऑफ एन्वी जैसे नियमों के साथ अपने जीवन व छात्रों के जीवन को कैसे जोड़ें व उन्हें जीवन के लिए बेहतर बना पाए।
प्रतिवर्ष होता हैं आयोजन –
जावरा पब्लिक स्कूल डायरेक्टर कमल मूणत ने कहा प्रतिवर्ष संस्था के शिक्षकों के लिए ऐसे ट्रेनिंग सैशन का आयोजन करता आया है। उसी क्रम में इस वर्ष की प्रथम दो दिवसीय टेनिंग का आयोजन किया गया। जिससे समस्त शिक्षकों के कौशल विकास के साथ समयानुसार अपने आपमें बदलाव कर विद्यार्थियों के व्यवहारिक व बौद्धिक स्तर पर बेहतर परिणाम ला पाए।
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