– प्रसुताओं को भुगतान नहीं होने पर एएनएम के वेतन से भुगतान के लिए बोल रहे अधिकारी
– विरोध में जावरा ब्लाक की एएनएम ने सीबीएमओ को सौंपा ज्ञापन
जावरा। मध्यप्रदेश शासन स्वास्थ मंत्रालय द्वार प्रसूति सहायता योजना की राशि 16 हजार रुपए प्रसुताओं के खातों में समाहित करने हेतु अनमोल एप पर प्रसुताओं की जानकारी एएनएम द्वारा देने का प्रावधान किया हैं, लेकिन इस अनमोल में तकनिकी त्रुटी के चलते कई प्रसुताओं के खातों में उक्त राशि जमा नहीं हो पा रही हैं, ऐसे में अधिकारियों द्वारा स्वास्थ विभाग की एएनएम को उक्त राशि स्वयं के वेतन से देने के लिए दबाव बनाया जा रहा हैं। जिसके विरोध में जावरा की सभी एएनएम ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सीबीएमओ डॉ शंकरलाल खराड़ी को प्रदान करने हुए एप में सुधार किए जाने की मांग की।
ब्लाक की सभी एएनएम ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि अनमोल एप में गड़बड़ी होने के कारण प्रसूति सहायता योजना की राशि 16 हजार, समग्र आईडी खाता नंबर की गड़बड़ी होने के कारण एएनएम के ऊपर इस राशि का भुगतान स्वयं के वेतन से देने के लिए बोला जाता है। जो अनूचित है। जिलाध्यक्ष लक्ष्मी चौधरी, ब्लॉक अध्यक्ष किरण चौहान व ब्लॉक उपाध्यक्ष ज्योति पांचाल ने बताया कि जबकि गलती पोर्टल की है, उसके बावजूद भी एएनएम को दोषी ठहराया जाता है। यदि एएनएम की गलती होती तो एक ब्लॉक में या एक जिले में होती पूरे मध्य प्रदेश में नहीं। एएनएम के पास 16 हजार के ऐसे साक्ष्य जो की सही है उसके बावजूद भी विभागीय पोर्टल पर गलत बताए जाते है। वहीं प्रसूति सहायता योजना सीएम की महत्वपूर्ण योजना है, जिसमें 16 हजार रूपये की राशि प्रसूता को प्रदान की जाती है। जिसमें एएनएम को एक तरफ तो कम शिक्षित माना जाता है और दूसरी तरफ उसके द्वारा ही खाता नंबर और समग्र आईडी ऐप पर चढ़ा देने से वह वेरीफाई हो जाता है। क्या इसके लिए किसी योग्य और उच्च डिग्री प्राप्त व्यक्ति से वेरीफाई करने की कोई आवश्यकता नहीं समझी जाती।
डाटा इंट्री ऑपरेशन से करवाई जाए इंट्री –
ज्ञापन में बताया कि सीएचओं, डाटा एंट्री ऑपरेटर इनके द्वारा एंट्री की जाए और इसका वेरिफिकेशन सेक्टर मेडिकल ऑफिसर के द्वारा किया जाए। साथ ही पेमेंट डालने के पूर्व या भुगतान के पूर्व खाता नंबर या आईडी को एक बार पुन: चेक कर राशि उनके खाते में डाली जाए। हमारा अनमोल टैबलेट खराब हो चुका है और सभी एएनएम अपने व्यक्तिगत मोबाइल द्वारा एप में एंट्री करती है, जिससे गलती होना संभव होता है किंतु सीएचओं के पास लैपटॉप की बड़ी स्क्रीन होने से एंट्री उनसे करवाई जाए ताकि गलती की संभावना कम हो। ऐसे में समस्त एएनएम ने ज्ञापन देकर शीघ्र निराकरण की मांग की।

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