– गुरूदेव श्रीमद् विजय जयंतसेन सूरीश्वरजी उन्हे कुराने शरीफ कहकर बुलाते थे
जावरा। पुण्यसम्राट प.पु. युगप्रभावकाचार्य श्रीमद् विजय जयंतसेन सूरीश्वरजी मसा मधुकर के पट्टधर गच्छाधिपति विजय नित्यसेन सूरी जी मसा के परम भक्त स्पष्टवादी छवि रखने वाले शांतिलाल धारीवाल (रोजाना वाला) का 87 वर्र्ष की आयु में रविवार को निधन हो गया। परिवारजनों ने इस दु:खद घड़ी में सेवा भावना को चरितार्थ करते हुए बडनगर के डॉ. ददरवाल के माध्यम से शांतिलाल धारीवाल का नेत्रदान करवाया। धारीवाल की अंतिम यात्रा जवाहर पथ स्थित निवास स्थान से निकली। जो प्रमुख मार्गो से होती श्री आनंदी हनुमान श्मशान घाट पहुंची, जहां पुत्र प्रकाश, राजेन्द्र के साथ परिजनों ने मुखाग्नि दी। गच्छाधिपति विजय नित्यसेन सूरीजी मसा ने भी शोक संदेश में कहा कि गुरूभक्त शांतिलालजी का स्वर्र्गवास हो गया है। वे समाजसेवी, धर्मानुरागी एवं पुण्यसम्राट गुरूदेवश्री को पूर्ण समर्पित थे। मुझे याद है कि पु. गुरूदेवश्री उन्हे कुराने शरीफ कहकर ही बुलाते थे। ऐसे व्यक्तित्व की विदाई होने से परिवार के साथ समाज मे भी अनुभवी श्रावक की कमी होती है। लेकिन ये तो अटल सत्य है, जिसका स्वीकार ही समाधान है। हम सभी आत्मशांति की कामना करते है। इधर आनंदी हनुमान पर धारीवाल को श्रृद्धांजलि दी गई। इस मौके पर चंद्रप्रकाश ओस्तवाल, कमल नाहटा, सुशील कोचट्टा, अनिल दसेड़ा, वरूण श्रोत्रिय, अजीत चत्तर, पारस सकलेचा, अजय सकलेचा, कनकमल चोरडिय़ा, डॉ. सुरेश मेहता, पुखराज कोचट्टा, मोतीलाल चपडोद, विजय आंचलिया आदि गणमान्य नागरिकों ने धारीवाल को शब्दों के माध्यम से श्रृद्धांजलि अर्पित की।





