-शिवमहापुराण कथा के पंचम दिवस संत का संदेश
– परमात्मा को पाने का भाव जगाओ, त्याग और भक्ति से मिलेगी मुक्ति
जावरा। सारा खेल जीवन में तीन शब्दों का है चाह, आह और वाह। जब कामनाएं होती हैं तो चाह जन्म लेती है, पूरी नहीं होतीं तो आह आती है और जब पूर्ण हो जाती हैं तो वाह की अनुभूति होती है। लेकिन इन तीनों से ऊपर जो सत्य है, वही परमात्मा की प्राप्ति का मार्ग है।
यह विचार राष्ट्रसंत नमन वैष्णव ने स्वर्गीय महेंद्र सिंह कालूखेड़ा गौशाला, तालीदाना में चल रही श्री शिवमहापुराण कथा के पांचवें दिन हजारों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। संत नमन वैष्णव ने कहा कि यदि कुछ मांगना ही है तो भगवान को मांगो, क्योंकि जब जीवन का लक्ष्य परमात्मा बन जाता है तो बाकी सब स्वत: प्राप्त हो जाता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान युग में हर मनुष्य में ईश्वर को पाने की क्षमता है, लेकिन उस भाव को जाग्रत करने की आवश्यकता है। जिनके जीवन में त्याग, श्रद्धा और समर्पण होता है, वे मीरा, धु्रव और प्रह्लाद की तरह ईश्वर को पा लेते हैं। संत ने समझाया कि स्वर्ग और नर्क से भी ऊपर अपवर्ग अर्थात मोक्ष है। पुण्य रहने तक स्वर्ग और पुण्य क्षय पर नर्क की प्राप्ति होती है, जिससे जन्म-मरण का चक्र चलता रहता है। यदि इस चक्र से मुक्ति चाहिए तो ब्रह्म यानी परमात्मा की ओर बढऩा होगा। इसके लिए भजन, नाम-स्मरण और ईश्वर की भक्ति को जीवन का अंग बनाना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि उनके संकल्प के अनुरूप प्रतिदिन कथा समापन पर वंदेमातरम् का सामूहिक गायन किया जा रहा है, जिससे आध्यात्मिक चेतना के साथ राष्ट्रभाव भी जाग्रत हो रहा है।
इन्होने लिया पौथी पूजन व आरती का लाभ –
कथा के पांचवें दिन के यजमान जगदीश धाकड़ (अध्यक्ष, अधिवक्ता संघ जावरा) एवं मनीष आंजना (बिलनपुर) रहे। आरती के लाभार्थी के.के. सिंह कालूखेड़ा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष कीर्तिशरण सिंह, करनी सेना परिवार प्रदेश अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर, सहायक संचालक शिक्षा ज्योति पटेल, मंडी व्यापारी संघ नई धानमंडी जावरा के पदाधिकारीगण, जिला पंचायत सदस्य राजेश भरवा, सरपंच श्याम सिंह देवड़ा (मावता), चरण सिंह राठौर (मामटखेड़ा), नरवर सिंह (सुजापुर) सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कथा स्थल पर भक्तिभाव, राष्ट्रप्रेम और आध्यात्मिक ऊर्जा से वातावरण सराबोर रहा।

