– जिला कलेक्टर ने शीत लहर के चलते नर्सरी से आठवी तक के बच्चों के स्कूल और आंगनवाड़ी का दो दिन का अवकाश घोषित किया
– बच्चों की तो छुट्टी रहेगी, लेकिन स्कूल स्टॉफ और आंगनवाड़ी स्टॉफ को आना अनिवार्य
जावरा। प्रदेश में शीत लहर के चलते जिला कलेक्टर राजेश बाथम ने जिले के सभी स्कूलों में अध्ययनरत् कक्षा नर्सरी से आठवी तक के विद्यार्थियों के लिए दो दिन का अवकाश घोषित किया हैं, साथ ही जिले की समस्त आंगनवाडिय़ों में भी बच्चों के लिए अवकाश की घोषणा के आदेश 16 जनवरी की शाम को जारी किए थे। लेकिन इन आदेशों में बच्चों के लिए तो अवकाश दिया हैं, लेकिन कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों के साथ ही प्रायमरी से लेकर मीडिल स्कूल के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ ही समस्त आंगनवाड़ी की कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए अपने कर्तवय स्थल पर आवश्यक रुप से पहुंचने के आदेश भी दिए गए हैं। ऐसे में अब यह सवाल उठता हैं कि क्या शीत लहर का असर केवल छोटे बच्चों पर ही होता हैं ? बड़े बच्चों और टीचर्स के साथ आंगनवाड़ी की महिला कर्मचारियों को ठंड नहीं लगती हैं, कलेक्टर के आदेश के बाद सोश्यल मीडिया पर यह सवाल उठने लगा हैं। ऐसे में क्या अब जिला कलेक्टर बड़े बच्चों के साथ ही टीचर्स और कर्मचारियों के लिए भी मानवता के नाते अवकाश घोषित करेंगे।


